होर्मुज स्ट्रेट: 6 महीने तक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व
होर्मुज स्ट्रेट केवल एक समुद्री मार्ग नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर पांच में से एक जहाज, जो हजारों टन कच्चा तेल ले जाता है, इस मार्ग से गुजरता है। यदि यह मार्ग छह महीने के लिए बंद हो जाए, तो इसके परिणाम क्या होंगे? एक अमेरिकी समाचार पत्र ने इस संबंध में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। इसके अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग ने सांसदों को सूचित किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से बारूदी माइन्स को हटाने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा, बशर्ते युद्ध पूरी तरह से समाप्त हो जाए। इस जानकारी ने हड़कंप मचा दिया है, और डोनाल्ड ट्रंप इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
माइन्स हटाने में समय
रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज से माइन्स हटाने की प्रक्रिया युद्ध समाप्त होने के बाद शुरू होगी और इसमें छह महीने का समय लग सकता है। पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस को गोपनीय ब्रीफिंग में यह जानकारी दी है। अनुमान है कि 20 से अधिक माइन्स बिछाई गई हैं, जिनमें से कुछ GPS तकनीक से संचालित होती हैं, जिससे उनका पता लगाना कठिन होता है। छोटी नावों के माध्यम से माइन्स बिछाने की संभावना भी है। हेलिकॉप्टर, ड्रोन और डाइवर्स के जरिए इनका सफाया किया जा सकता है। इस लंबी प्रक्रिया के कारण, 2027 तक तेल और गैस की कीमतें ऊंची रहने का खतरा है।
बारूदी माइन्स का प्रभाव
इस खबर का असर वैश्विक स्तर पर हो सकता है, क्योंकि यह एक आर्थिक युद्ध का हिस्सा है। इसलिए, होर्मुज में बिछी बारूदी माइन्स की जानकारी ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। बारूदी माइन्स वास्तव में पानी में छिपे हुए बम होते हैं, जो जहाजों को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाए जाते हैं।
माइन्स कैसे बिछाई जाती हैं?
ईरान छोटी तेज रफ्तार वाली नावों का उपयोग करके माइन्स बिछाता है। हर छोटी नाव 2 से 3 माइन्स ले जा सकती है, और ये रात में या छिपकर जल्दी-जल्दी गिराई जाती हैं। कुछ माइन्स को पनडुब्बियों या मछली पकड़ने वाली नावों से भी गिराया जाता है।
सी माइन्स का कार्यप्रणाली
- पहले उस स्थान का चयन किया जाता है जहां माइन्स बिछाई जानी हैं।
- जहाज, पनडुब्बी या विमान से माइन्स बिछाई जाती हैं।
- बिछने के बाद माइन्स का सेंसर मोड सक्रिय हो जाता है।
- जहाज की रेंज में आते ही सेंसर उसे पहचान लेता है।
- जहाज के पास आते ही माइन्स ट्रिगर होकर फट जाती हैं।
ईरान के पास माइन्स का भंडार
समुद्री विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के पास लगभग 2,000 से 6,000 बारूदी माइन्स का भंडार है, जिसका अधिकांश उत्पादन ईरान में ही होता है। ये माइन्स विभिन्न प्रकार की होती हैं, जो अपने लक्ष्यों पर हमले के तरीके पर निर्भर करती हैं।
सीबेड और मूर्ड माइन
सीबेड माइन समुद्र के तल पर रहती हैं और जहाजों के गुजरने पर हमला करती हैं। मूर्ड माइन समुद्र की तलहटी से बंधी होती हैं और जहाज के टकराने पर फटती हैं। ड्रिफ्टिंग माइन समुद्र की लहरों के साथ बहती हैं और जहाज से टकराते ही विस्फोट करती हैं।
आधुनिक युद्ध में माइन्स का महत्व
आधुनिक युद्ध में नेवल माइन्स को सबसे किफायती हथियार माना गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, आधुनिक सी माइन्स बनाने में लगभग 10,000 डॉलर का खर्च आता है, लेकिन ये आर्थिक और रणनीतिक रूप से कई गुना अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं।