होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता संकट: भारत के 40 जहाज फंसे
तेहरान में संकट की स्थिति
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहा संकट भारत और वैश्विक स्तर पर गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। वर्तमान में, भारत के कम से कम 40 जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के निकट फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित मार्ग नहीं मिल पा रहा है। इन जहाजों में एलपीजी, एलएनजी, कच्चा तेल, खाद्य सामग्री और अन्य सामान शामिल हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण यहां का यातायात प्रभावित हो रहा है।
भारत के जहाजों की स्थिति
‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ के अनुसार, अधिकारियों ने बताया है कि फारस की खाड़ी में 40 से अधिक भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इनमें से आधे जहाज ऊर्जा उत्पाद ले जा रहे हैं। नई दिल्ली ने पुष्टि की है कि भारत के झंडे वाले 13 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में फंसे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
पिछले 48 घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में अचानक वृद्धि हुई है। अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के हमले, ईरानी टैंकर पर अमेरिकी गोलीबारी, और ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी हमले की घटनाएं एक खतरनाक श्रृंखला में बदल गई हैं। हालांकि, दोनों देश सार्वजनिक रूप से सीजफायर की बात कर रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि दोनों एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं।
ईरान का मिसाइल हमला
48 घंटे पहले, ईरान ने UAE के फुजैरा पोर्ट पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं, लेकिन इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया। इसके बाद, सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिका को अपने एयरबेस का उपयोग करने से रोक दिया।
अमेरिका का जवाबी हमला
24 घंटे पहले, अमेरिका ने ईरानी टैंकर हँसना पर हमला किया, जिसमें एक अमेरिकी फाइटर जेट ने टैंकर के रडार को नष्ट कर दिया। इसके जवाब में, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन अमेरिकी डेस्ट्रॉयर पर मिसाइलें और ड्रोन से हमला किया।
तेल व्यापार पर खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा संभालता है। वर्तमान में, यहां का यातायात लगभग ठप है। मिसाइलों, ड्रोन, समुद्री खानों और उच्च बीमा लागत के कारण कोई भी जहाज आसानी से गुजर नहीं पा रहा है।