हेमंत सोरेन ने असम चुनावों में भाजपा के दावों को खारिज किया
मुख्यमंत्री सोरेन का बयान
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम में चल रहे विधानसभा चुनावों में मतदाताओं के निर्णय पर भरोसा जताया है। उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संभावित जीत के दावों को नकार दिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सोरेन ने कहा कि चुनाव परिणाम जमीनी हकीकत पर निर्भर करेंगे। उन्होंने कहा, "मैंने चुनाव लड़ा है, इसलिए लोग निश्चित रूप से जमीनी स्तर पर मौजूद हैं। आपको परिणाम का सही अंदाजा जमीनी स्तर से ही मिलेगा। हमने जितना संभव हो सका, काम किया है।"
भाजपा पर आरोप
सोरेन ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह एनडीए के लिए सीटों में वृद्धि के अपने अनुमानों में हेरफेर कर रही है। उन्होंने कहा, "वोट चुराने, हेराफेरी करने और मतदाताओं को गुमराह करने के कई तरीके हैं। हमारा मापदंड जनता की अदालत है।" असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट होने के आरोपों पर सोरेन ने इसे जांच का विषय बताया। उन्होंने कहा, "क्या कोई अपराधी कभी अपने अपराध को स्वीकार करता है? यह जांच का विषय है।"
चाय बागानों की स्थिति पर सवाल
2 अप्रैल को, सोरेन ने असम की दोहरे इंजन वाली सरकार की आलोचना की और चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों की कठिनाइयों पर सवाल उठाए। गोलाघाट में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, "प्रधानमंत्री ने सभी को पक्के मकान देने का वादा किया था, लेकिन कितने लोगों को वास्तव में पक्के मकान मिले? चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति क्या थी?"
चुनाव की तारीखें
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक चरण में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। इस चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को कांग्रेस पार्टी से चुनौती का सामना करना पड़ेगा।