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हुमायूं कबीर और असदुद्दीन ओवैसी का राजनीतिक गठबंधन पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए तैयार

जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की पुष्टि की है। कबीर ने ओवैसी को अपना "बड़ा भाई" बताते हुए कहा कि उनकी साझेदारी चुनावी रणनीति को आकार देगी। उन्होंने 20 रैलियों के आयोजन की योजना भी साझा की, जिसमें पहली रैली 1 अप्रैल को बहरामपुर में होगी। कबीर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह गठबंधन भविष्य के चुनावों में भी जारी रहेगा।
 

गठबंधन की घोषणा

जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ अपने राजनीतिक गठबंधन की पुष्टि की। कबीर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी को अपना "बड़ा भाई" बताते हुए कहा कि उनकी साझेदारी चुनावी रणनीति को आकार देगी। उन्होंने यह भी बताया कि ओवैसी के मार्गदर्शन में यह गठबंधन स्थापित किया गया है और वे चुनाव प्रचार के दौरान उनके सुझावों का पालन करते रहेंगे।


चुनाव प्रचार की योजना

कबीर ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों के चयन और सीटों के बंटवारे से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय ओवैसी के साथ चर्चा के बाद लिए गए हैं। दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ने और एकजुट रहने का संकल्प ले चुकी हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में 20 रैलियों का एक संयुक्त चुनाव प्रचार कार्यक्रम भी घोषित किया, जिसमें पहली रैली 1 अप्रैल को बहरामपुर में होगी। कबीर और ओवैसी दोनों समर्थकों को संबोधित करेंगे। ये रैलियां मुर्शिदाबाद, उत्तर बंगाल, मालदा, बीरभूम, उत्तर दिनाजपुर, आसनसोल और कोलकाता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आयोजित की जाएंगी।


भविष्य की योजनाएं

कबीर ने आशा व्यक्त की कि ओवैसी सभी रैलियों में भाग लेंगे, खासकर दो चरणों में होने वाले चुनावों को देखते हुए। उन्होंने गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि वे चुनाव प्रचार के हर पहलू में ओवैसी के नेतृत्व का अनुसरण करेंगे। कबीर ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन 2026 के चुनावों के बाद भी भविष्य के राजनीतिक कार्यक्रमों में जारी रहेगा। इससे पहले, ओवैसी ने घोषणा की थी कि एआईएमआईएम कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी। कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और एआईएमआईएम को लगभग आठ सीटें आवंटित करेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, और मतगणना 4 मई को होगी।