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हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन पुल गिरा, स्थानीय लोगों को हुई कठिनाई

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक निर्माणाधीन पुल लैंडस्लाइड के कारण गिर गया, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। यह पुल पिछले दो वर्षों से बन रहा था और इसके टूटने से स्थानीय निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। घटना के समय कोई मजदूर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जानी नुकसान टल गया। प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए टीमें भेजी हैं, लेकिन स्थानीय लोग प्रशासन की तैयारी पर सवाल उठा रहे हैं। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

चंबा में पुल का ढहना


हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आज सुबह एक निर्माणाधीन सिंयूर पुल लैंडस्लाइड के कारण रावी नदी में गिर गया। यह पुल भरमौर और होली क्षेत्र को जोड़ता था, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह पुल पिछले दो वर्षों से लोक निर्माण विभाग द्वारा 4 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा था, और अब यह स्थिति गंभीर हो गई है।

धूल और मलबे का मंजर
सुबह लगभग आठ बजे, जब पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें पुल पर गिरीं, तो धूल के गुबार 200 फीट ऊँचाई तक उड़ गए। अचानक बड़ी चट्टानें और मलबा निर्माणाधीन पुल पर गिरे, जिससे इसका ढांचा ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और सीधे रावी नदी में गिर गया। गनीमत यह रही कि भूस्खलन के समय पुल पर कोई मजदूर या मशीनरी मौजूद नहीं थी, जिससे बड़ा जानी नुकसान टल गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में अव्यवस्था का माहौल बन गया। पुल का एक हिस्सा तुरंत नदी में चला गया, और स्थानीय लोगों ने जोर-जोर से आवाजें सुनीं। यह लोहे का पुल विशेष रूप से बड़े वाहनों के लिए बनाया गया था।

वैकल्पिक मार्ग पर प्रभाव
भरमौर के दुर्गम क्षेत्र में खड़ामुख-होली मार्ग बंद होने पर यह पुल वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करता था। सिंयूर पुल को होली क्षेत्र के निवासियों के लिए एक जीवन रेखा माना जाता था। इसके टूटने से होली घाटी की कई पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट गया है। मुख्य मार्ग पर मलबा आने और पुल के न होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है। करोड़ों की लागत से बन रहा यह पुल लगभग तैयार था, लेकिन अब इसके पुनर्निर्माण में लंबा समय और भारी बजट लगेगा। पिछले मानसून में इसी पुल से एक महीने तक ट्रैफिक चला था जब सड़क बंद हो गई थी। अब इसके बंद होने से ग्राहकों को और अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

घायलों की स्थिति
लैंडस्लाइड के कारण पश्चिम बंगाल का एक दंपत्ति भी घायल हुआ है। पिछले एक सप्ताह से पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं हो रही हैं। सोमवार दोपहर को लाहौल के मोसूमा थेतुप कुरकुर में एक बड़ा पत्थर गिरने से एक गाड़ी पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इस हादसे में गाड़ी में सवार मनोजित सिंह रॉय और उनकी पत्नी पॉलिनी सिंघा घायल हुए, जबकि चालक सुरक्षित है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद कुल्लू के अस्पताल में भेजा गया है।

स्थानीय प्रशासन की तैयारी की कमी
लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। मलबे को हटाने और वैकल्पिक मार्ग की बहाली के लिए मशीनों को लगाया गया है। प्रशासन ने लोगों से इस मार्ग पर यात्रा न करने और सावधानी बरतने की अपील की है। ऐसी घटनाओं के बावजूद स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की तैयारी का अभाव स्पष्ट है। स्थानीय निवासी लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वे स्थिति का जल्द से जल्द जायजा लें और आवश्यक कदम उठाएं। यह समय इस क्षेत्र के लिए अत्यंत संवेदनशील है, और प्रशासन की सक्रियता से कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।