हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का बंद होना
हिमाचल प्रदेश में बारिश के चलते स्कूलों का बंद होना
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए सिरमौर और सोलन जिलों में शुक्रवार, 10 जुलाई को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है, साथ ही भूस्खलन, अचानक बाढ़, पेड़ गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका भी जताई है।
सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा और सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा द्वारा जारी किए गए अलग-अलग आदेशों में बताया गया है कि लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 की उपधारा (5) के तहत लागू किया गया है। हालांकि, सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम से राज्य के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। सिरमौर के पच्छाद में सबसे अधिक 207 मिमी, नाहन में 158.5 मिमी, कसौली में 145 मिमी और धर्मपुर में 136.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सोलन में 113 मिमी, पालमपुर में 109 मिमी और शिमला में 58.8 मिमी बारिश हुई है। इसके अलावा कुफरी, भरवाईं, पांवटा साहिब और मशोबरा जैसे कई स्थानों पर भी मध्यम से भारी वर्षा हुई है।
राज्य की राजधानी शिमला में भी भारी बारिश का प्रभाव देखने को मिला है, जहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शिमला जिले में वाहनों की आवाजाही के लिए 27 सड़कें बंद कर दी गई हैं। विकासनगर क्षेत्र में एक इमारत के सामने की दीवार गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, सुन्नी क्षेत्र के ब्रैंडली गांव में एक घर की सुरक्षा दीवार ढह गई और आईटीआई परिसर में पानी भर गया, जहां से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य जारी है।