हिमाचल प्रदेश में ऊर्जा संकट: पेट्रोल-डीजल की कमी की आशंका
हिमाचल प्रदेश में ऊर्जा संकट की स्थिति
शिमला: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण भारत सहित कई देशों में ऊर्जा संकट बढ़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में पहले से ही कमर्शियल एलपीजी गैस की कमी महसूस की जा रही है, और आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कमी भी हो सकती है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी है। उन्होंने बताया कि राज्य के पास केवल दो सप्ताह का पेट्रोल-डीजल का स्टॉक बचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'हिमाचल प्रदेश में फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं है, और पेट्रोल-डीजल भी उपलब्ध है। हालांकि, स्टॉक केवल 15 दिनों का है। निश्चित रूप से, भविष्य में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। मैंने मुख्य सचिव को इस पर नजर रखने के लिए कहा है, और वे रोजाना इसकी समीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में, राज्य में कोई बड़ा संकट नहीं है, लेकिन कमर्शियल गैस की कमी की शिकायतें आ रही हैं। हम इस पर भी ध्यान दे रहे हैं।'
हालांकि, घरेलू गैस की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन कमर्शियल गैस की कमी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पेट्रोल-डीजल की स्थिति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना की जांच के लिए सिटिंग जज की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि घोटालों की जांच सरकारी एजेंसियों द्वारा की जाती है, न कि सिटिंग जज द्वारा।