हिमाचल प्रदेश में अप्रैल में लौटी सर्दी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया
शिमला: हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के महीने में सर्दी ने फिर से दस्तक दी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के ऊंचे क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी, कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने मौसम को बदल दिया है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में आज भी खराब मौसम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 10 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लाहौल-स्पीति के गोंधला में 13 सेंटीमीटर और केलांग-हंसा में लगभग 7.5 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है। अटल टनल और उसके आस-पास हल्की बर्फबारी जारी है। खराब मौसम के कारण प्रशासन ने सोलंग नाला से आगे केवल फोर बाई फोर वाहनों को जाने की अनुमति दी है।
बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं
इसके अलावा, सराहन, धर्मशाला, जोगिंद्रनगर, बिलासपुर, कल्पा, मनाली, स्लैपर और भुंतर जैसे कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई है। मंडी जिले में ओलावृष्टि भी हुई है, जबकि हमीरपुर, सुंदरनगर और अन्य क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।
बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। लाहौल स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री, शिमला में 9.4 डिग्री, मनाली में 7.2 डिग्री, सुंदरनगर में 13.2 डिग्री, भुंतर में 11.1 डिग्री, कल्पा में 3.2 डिग्री, ऊना में 15.0 डिग्री, नाहन में 13.1 डिग्री, पालमपुर में 12.0 डिग्री, सोलन में 12.0 डिग्री, कांगड़ा में 15.3 डिग्री, मंडी में 14.1 डिग्री और बिलासपुर में 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट के कारण शिमला और मनाली सहित कई स्थानों पर लोगों ने फिर से गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं।
बारिश और बर्फबारी का ओरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बताया है कि आज किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, ऊना, हमीरपुर और मंडी सहित कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है। 5 और 6 अप्रैल को भी अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। 7 और 8 अप्रैल को फिर से तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है, जबकि 9 अप्रैल को भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मौसम खराब रह सकता है।
7 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ
बीती रात हुई बारिश और बर्फबारी के बाद आज भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण मौसम में यह बदलाव आया है और 7 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
अप्रैल में अचानक लौटी ठंड और बेमौसमी बारिश-ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है। निचले क्षेत्रों में गेहूं और मटर की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की फ्लावरिंग और नाशपाती की फसल पर ओलावृष्टि का असर पड़ सकता है।