हरियाणा सरकार का प्रदूषण नियंत्रण के लिए नया योजना
हरियाणा सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार, हरित चौराहों के विकास और ट्रैफिक जाम के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना के तहत, एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। जानें इस योजना के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
Jul 25, 2026, 14:37 IST
हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण की नई पहल
हरियाणा सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। हाल ही में, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में वायु गुणवत्ता में सुधार से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई, और संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विशेष ध्यान परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) के विस्तार, 'नौ पीयूसीसी-नो फ्यूल' व्यवस्था, पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर कार्रवाई, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस कचरा निस्तारण और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण पर दिया गया।
नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति और चार्जिंग नेटवर्क पर ध्यान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सभी एजेंडों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट की नियमित निगरानी, सड़क पुनर्विकास, इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार और चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क को तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार आगामी कैबिनेट बैठक में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति पेश करेगी, जिससे एनसीआर और पूरे प्रदेश में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
हरित चौराहों और धूल नियंत्रण पर जोर
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने एनसीआर के प्रमुख चौक-चौराहों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने, नियमित डीप क्लीनिंग, गड्ढे भरने और पौधारोपण के माध्यम से पीएम-10 और धूल प्रदूषण को कम करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को एक महीने के भीतर सभी प्रमुख स्थलों की पहचान कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सीएम ने राजीव चौक मॉडल के अनुसार सभी प्रमुख यातायात स्थलों को हरित स्वरूप देने पर जोर दिया।
ट्रैफिक और पराली जलाने पर विशेष रणनीति
बैठक में एनसीआर के ट्रैफिक जाम हॉटस्पॉट का वैज्ञानिक विश्लेषण कर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा, पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन, कृषि विभाग और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने और लक्ष्य आधारित कार्ययोजना लागू करने पर सहमति बनी है।
इस बैठक में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, अतिरिक्त सचिव अमनदीप गर्ग, सीएक्यूएस के चेयरपर्सन राजेश वर्मा, हरियाणा के वन एवं पर्यावरण विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल, परिवहन विभाग के एसीएस राजा शेखर वुनडरू, जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।