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हरियाणा में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में संकट, पंपों पर बढ़ी भीड़

हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई चेन में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे कई फ्यूल पंप सूख गए हैं। एडवांस पेमेंट के बावजूद, तेल कंपनियां समय पर स्टॉक नहीं भेज रही हैं, जिसके कारण ग्राहक बड़ी संख्या में पंपों पर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा की है और कहा है कि स्टॉक में कमी नहीं है, लेकिन पंप संचालक आपातकालीन सेवाओं के लिए ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं। जानें इस संकट का पूरा विवरण और सरकार की योजनाएं।
 

हरियाणा में ईंधन की आपूर्ति में बाधा


हिसार: हरियाणा में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई चेन में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। एडवांस भुगतान के बावजूद, तेल कंपनियां 2-3 दिन बाद ही स्टॉक भेज रही हैं, जिसके कारण कई स्थानों पर फ्यूल पंप सूख गए हैं।

सप्लाई में देरी के चलते ग्राहक बड़ी संख्या में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि लोग घबराकर अपनी गाड़ियों की टंकी भरवाने आ रहे हैं। कुछ ग्राहक बड़े ड्रम और पानी के टैंकों में डीजल भरवाने के लिए भी आ रहे हैं।

स्टॉक में कमी के कारण पंप संचालकों ने सरकारी विभागों को उधार में तेल देना बंद कर दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल का 6 दिन और डीजल का 4 दिन का स्टॉक शेष है। वहीं, कुरुक्षेत्र में सिलेंडर की कमी के चलते लोगों ने अंबाला रोड को जाम कर दिया।

पेट्रोल-डीजल का दैनिक स्टॉक: शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि टर्मिनलों पर पेट्रोल-डीजल का 7 दिन का भंडार उपलब्ध है।

सिलेंडरों का 5 दिन का स्टॉक: घरेलू एलपीजी की स्थिति पर सीएम ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 2 लाख सिलेंडर मिल रहे हैं, जिनमें से 1 लाख 90 हजार का वितरण किया जा रहा है। बॉटलिंग प्लांट्स पर 5 दिन का स्टॉक भी बचा है।
सीएम ने आगे बताया कि प्रदेश में 1 लाख 73 हजार 38 कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक भी उपलब्ध है। वर्तमान में 3 लाख 32 हजार कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, और घरेलू कनेक्शन की संख्या अगले 3 महीनों में दोगुनी की जाएगी।

हिसार में पेट्रोल पंप संचालकों ने कमिश्नर को शिकायत की है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां समय पर ईंधन की आपूर्ति नहीं कर रही हैं, जिससे कई पंप सूख गए हैं।

आपातकालीन सेवाओं पर खतरा: पंप संचालकों ने बताया कि कई बार एंबुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी ईंधन उपलब्ध नहीं हो पाता। प्रबंधन में गड़बड़ी के कारण सप्लाई में समस्या आ रही है।

मॉनिटरिंग सिस्टम की आवश्यकता: पेट्रोल पंप संचालकों ने प्रशासन से प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने की मांग की है, ताकि हर पंप पर स्टॉक की स्थिति पर नजर रखी जा सके।

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब घरेलू गैस (LPG) के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल पर भी पड़ने लगा है। हिसार, भिवानी, बल्लभगढ़ और जींद समेत हरियाणा के कई पेट्रोल पंपों पर आज भी भीड़ बनी रही।