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हरकी पैड़ी पर गंगा की जलधारा लौटने से श्रद्धालुओं को मिली राहत

हरिद्वार के हरकी पैड़ी घाट पर दिवाली से पहले गंगा जल की वापसी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिली है। हालांकि, जलस्तर अभी भी 3 से 4 फीट तक सीमित है। आगामी अर्धकुंभ के निर्माण कार्यों के चलते पानी की आपूर्ति नियंत्रित की जा रही है। प्रशासन ने दिवाली की महाआरती के दौरान जलस्तर बढ़ाने के संकेत दिए हैं। यदि आप हरिद्वार में गंगा स्नान की योजना बना रहे हैं, तो सीमित जलस्तर को ध्यान में रखें।
 

हरिद्वार में गंगा नहर की पानी की आपूर्ति बहाल


हरिद्वार। दिवाली के आगमन से पहले हरकी पैड़ी घाट पर श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद समाचार आया है। गंगा नहर में पानी की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है। हालांकि, घाटों पर अभी भी पर्याप्त जलस्तर नहीं है, और वर्तमान में हरकी पैड़ी पर जलस्तर लगभग 3 से 4 फीट तक ही सीमित है। इस स्थिति में दिवाली और गोवर्धन पूजा के दौरान हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को सीमित पानी में ही गंगा स्नान करना पड़ेगा।


हर साल दशहरे से लेकर दिवाली तक गंगा नहर की वार्षिक सफाई और मरम्मत का कार्य किया जाता है। इसी कारण, 21 अक्टूबर 2026 से नहर में पानी की आपूर्ति रोक दी गई थी, जिसके चलते हरकी पैड़ी के कई घाट सूख गए थे।


घाटों की रौनक लौटने लगी है

गंगा नहर के बंद होने से हरकी पैड़ी पर पानी लगभग समाप्त हो गया था। इस दौरान स्थानीय लोग घाटों पर सिक्के और अन्य कीमती वस्तुएं खोजते हुए देखे गए। पानी की कमी के कारण अंग्रेजों के समय की रेलवे पटरियां भी दिखाई देने लगी थीं।


अब उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद घाटों पर गंगा की जलधारा वापस लौटने लगी है, जिससे दिवाली पर हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिलेगी।


पानी की कमी का कारण

हरिद्वार में आगामी अर्धकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिसमें नए घाटों और पुलों का निर्माण शामिल है। इन कार्यों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल गंगा में सीमित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।


हालांकि, नियमों के अनुसार हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में कम से कम 200 क्यूसेक पानी का प्रवाह बनाए रखना आवश्यक है।


दिवाली पर जलस्तर बढ़ाने की संभावना

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दिवाली की शाम होने वाली गंगा महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जलस्तर में कुछ और बढ़ोतरी की जा सकती है।


यदि आप दिवाली या गोवर्धन पूजा पर हरिद्वार में गंगा स्नान की योजना बना रहे हैं, तो घाटों पर सीमित पानी को ध्यान में रखते हुए ही जाएं। फिलहाल गंगा की जलधारा लौट आई है, लेकिन गहरे पानी में डुबकी लगाने जैसी स्थिति नहीं है।