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हनुमानगढ़ में बारिश से मकान ढहा, परिवार बेघर

हनुमानगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण एक कच्चे मकान की छत गिर गई, जिससे एक परिवार बेघर हो गया। गनीमत यह रही कि परिवार के सदस्य समय पर बाहर निकल आए। प्रशासन ने नुकसान का आकलन किया और सहायता का आश्वासन दिया है। स्थानीय निवासियों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है। आगे की बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
 

हनुमानगढ़ में बारिश का कहर







हनुमानगढ़: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश ने एक परिवार के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया। मूसलाधार बारिश के कारण एक कच्चे मकान की छत अचानक गिर गई, जिससे परिवार का आशियाना क्षतिग्रस्त हो गया। सौभाग्य से, परिवार के सदस्य समय पर सतर्क हो गए और बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, घर में रखा सामान पूरी तरह से नष्ट हो गया और परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कई घंटों से बारिश हो रही थी। बारिश का पानी दीवारों और छत में रिसने लगा था। अचानक तेज आवाज के साथ छत ढह गई, जिससे आसपास के लोग भी घबरा गए। स्थानीय निवासियों ने तुरंत मदद की और परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।


हालांकि, इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन मकान अब रहने लायक नहीं रहा। परिवार ने बताया कि वर्षों की मेहनत से बनाया गया उनका घर कुछ ही मिनटों में मलबे में बदल गया। घर में रखा फर्नीचर, कपड़े, अनाज और अन्य जरूरी सामान भी बारिश और मलबे के कारण खराब हो गया।


घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन किया और प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रशासन ने राहत सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।


लगातार बारिश के कारण हनुमानगढ़ के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जा रही हैं।


फिलहाल, प्रभावित परिवार अपने टूटे हुए घर और खराब सामान को देखकर सदमे में है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।