स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यौन शोषण के आरोपों का किया खंडन
प्रयागराज में बालकों के यौन शोषण के आरोपों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए आरोप लगाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। स्वामी जी ने कहा कि जिन बच्चों के साथ गलत होने का आरोप है, वे लंबे समय से आरोप लगाने वाले के पास रह रहे थे। इसके अलावा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपराधियों के प्रभाव और एक महिला द्वारा मठ के संबंध में किए गए झूठे दावों का भी खंडन किया।
Feb 26, 2026, 16:43 IST
शंकराचार्य ने उठाया आरोपों का मुद्दा
प्रयागराज में बालकों के यौन शोषण के आरोपों पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 22 के तहत मामला दर्ज कराया है। शंकराचार्य ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी पर झूठा आरोप लगाता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
शंकराचार्य की सफाई
स्वामी जी ने यह भी कहा कि जिन दो लड़कों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है, वे लंबे समय से आशुतोष ब्रह्मचारी के पास रह रहे थे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि मेडिकल रिपोर्ट में बच्चों के साथ कुछ गलत होने की पुष्टि होती है, तो इसके लिए वही जिम्मेदार होगा जिसके पास बच्चे थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी बताया कि उनका उन बच्चों से कोई संपर्क नहीं था और वे कभी भी उनके गुरुकुल नहीं आए।
साजिश का आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह आरोप भी लगाया कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों का प्रभाव बढ़ रहा है, जो जांच को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई साधु-संत उनके समर्थन में हैं, लेकिन सरकार और अपराधियों के डर से वे खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं।
महिला के दावों का खंडन
शंकराचार्य ने प्रयागराज की एक महिला द्वारा श्री विद्यामठ के संबंध में किए गए दावों को भी गलत बताया। महिला ने मठ में लिफ्ट और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाओं का आरोप लगाया था, जिसे स्वामी जी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि महिला का परिवार मठ से जुड़ा था, लेकिन जब उन्हें मठ खाली करने के लिए कहा गया, तो वे नाराज होकर झूठे बयान देने लगीं।