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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग में 90% की गिरावट, तनाव बढ़ा

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपिंग में 90% की गिरावट आई है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई। रिपोर्ट के अनुसार, पहले यहां से रोजाना 130 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम हो गई है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और इसके वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर प्रभाव।
 

पश्चिम एशिया में तनाव और शिपिंग पर प्रभाव

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली शिपिंग में भारी कमी आई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद, तेहरान की प्रतिक्रिया के चलते, समुद्री सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक जहाजों की आवाजाही में 90 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। रॉयल नेवी द्वारा संचालित UK Maritime Trade Operations ने 1 मार्च से 27 अप्रैल के बीच 40 से अधिक घटनाओं की सूचना दी है। इन घटनाओं में व्यापारिक जहाजों पर हमले, नुकसान, उत्पीड़न और अन्य खतरनाक स्थितियां शामिल हैं।


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को हुए नुकसान

निगरानी टीम ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि जहाजों या उनके क्रू को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाया गया है। कई जहाजों को परेशान किया गया या उन्हें लौटने के लिए मजबूर किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि कम से कम 26 घटनाओं में व्यापारिक जहाजों पर सीधे हमले किए गए। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमलों की शुरुआत की थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने इजरायल में हमले शुरू किए और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया।


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में कमी

ईरान ने अपने नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया है। इस क्षेत्र से लगभग 30 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति होती है। पहले यहां से रोजाना लगभग 130 बड़े जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 10 से भी कम हो गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना तेल और गैस की आवाजाही को प्रभावित कर रहा है। UK Maritime Trade Operations के अधिकारियों ने बताया कि इस स्थिति के कारण खाड़ी में 850 से 870 बड़े मालवाहक जहाज भी फंस गए हैं, जो संकरे जलमार्ग में सुरक्षा जोखिमों के कारण सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।