सोमवती अमावस्या: पितरों की कृपा पाने के लिए करें ये विशेष उपाय
सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है, जो इस बार सोमवार को आ रही है। इस दिन पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। जानें कैसे जरूरतमंदों को भोजन कराना, जूते-चप्पल का दान करना, काले तिल से तर्पण करना और दीपदान करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, तुलसी चालीसा का पाठ करने से भी पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
Jun 8, 2026, 13:35 IST
सोमवती अमावस्या का महत्व
हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व है। इसे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है। इस बार सोमवती अमावस्या सोमवार को आ रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।
अमावस्या के दिन क्या करें
इस दिन दान और सेवा कार्य करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे परिवार में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
जरूरतमंदों को भोजन कराएं: अन्नदान को हिंदू धर्म में सबसे उत्तम माना गया है। सोमवती अमावस्या पर भूखे व्यक्तियों या जरूरतमंदों को भोजन देना पुण्यदायी है।
जूते-चप्पल का दान: गर्मी और बारिश में जरूरतमंदों को जूते-चप्पल देना भी महत्वपूर्ण है। इससे पितरों की कृपा बनी रहती है।
काले तिल से तर्पण: इस दिन काले तिल का उपयोग करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद जल में काले तिल डालकर पितरों का तर्पण करें।
दीपदान का महत्व: सोमवती अमावस्या पर दीपदान करना शुभ होता है। यह पितरों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक तरीका है।
तुलसी चालीसा का पाठ: इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ करना भी बहुत पुण्यकारी माना जाता है।