सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, निवेशकों को मिली राहत
कमोडिटी बाजार में बड़ी खबर
8 जून को, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, कमोडिटी बाजार से आम ग्राहकों और निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। लंबे समय से महंगाई की मार झेल रहे लोगों को सर्राफा बाजार से राहत मिली है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
आज सोने और चांदी की कीमतों में भारी कमी आई है। सोमवार को बाजार खुलते ही सोने पर दबाव बढ़ा, जिससे इसकी कीमत 1,200 रुपये से अधिक गिर गई। चांदी में भी 4,400 रुपये से ज्यादा की गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और वैश्विक बाजारों में कमजोरी है।
MCX पर सोने की कीमतों में गिरावट
घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोने की शुरुआत कमजोर रही। सुबह 9:23 बजे तक अगस्त वायदा (Gold Futures) 1,214 रुपये गिरकर 1,54,380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव की तुलना में लगभग 0.78 प्रतिशत की कमी दर्शाता है।
तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, ओपन इंटरेस्ट में शॉर्ट बिल्डअप का रुझान स्पष्ट है, जो दर्शाता है कि ट्रेडर्स को सोने की कीमतों में और गिरावट की आशंका है।
चांदी की कीमतों में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी में भी भारी बिकवाली का दबाव है। एमसीएक्स पर सुबह 9:26 बजे तक जुलाई वायदा (Silver Futures) का भाव 4,463 रुपये गिरकर 2,44,074 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया, जो लगभग 1.80 प्रतिशत की गिरावट है।
चांदी के सौदों में लॉन्ग अनवाइंडिंग की स्थिति बन रही है, जिससे निवेशक अपने पुराने सौदों को तेजी से काट रहे हैं।
खरीदारों को राहत
वायदा बाजार की तरह रिटेल यानी इंडिया बुलियन मार्केट में भी नरमी का माहौल है। आम खरीदारों के लिए आज कीमतें काफी कम हुई हैं।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, हाजिर बाजार में सोने का भाव 1,150 रुपये गिरकर 1,54,610 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जो 0.74 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। इसी तरह हाजिर चांदी भी 3,950 रुपये गिरकर 2,45,160 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही है।
गिरावट का कारण
इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। इजराइल ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर हमले की घोषणा की है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
आमतौर पर तनाव के समय सोने की मांग बढ़ती है, लेकिन वर्तमान में वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण निवेशकों का रुख बदल गया है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।