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सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल, ट्रंप की हार का असर

सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में भारी उछाल आया है, जो अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का परिणाम है। डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी बॉंड यील्ड में गिरावट ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर आकर्षित किया है। जानें इस तेजी के पीछे के कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

नई दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी


नई दिल्ली। लगातार गिरावट के बाद, बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणाम, डॉलर की कमजोरी, अमेरिकी बॉंड यील्ड में कमी और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया। इस कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की खरीद बढ़ गई। भारतीय वायदा बाजार में सोने और चांदी दोनों के भाव में तेजी आई।


घरेलू कमोडिटी बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 2.21 प्रतिशत यानी 3,088 रुपये की वृद्धि के साथ 1,42,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी में 3.84 प्रतिशत यानी 6,902 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका भाव 1,86,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। लेख के समय सोना 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।


अमेरिकी चुनावी नतीजों का प्रभाव


बाजार में आई तेजी के पीछे अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों को एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद, निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख किया। चुनावी नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बढ़त मिलने के बाद अमेरिकी राजनीति और आर्थिक नीतियों में नई संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई।


विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी परिणामों के बाद अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई और सरकारी बॉंड की यील्ड में भी कमी आई। इन दोनों परिस्थितियों का सीधा लाभ सोने जैसी कीमती धातुओं को मिला। सामान्यतः जब डॉलर कमजोर होता है और बॉंड से मिलने वाला प्रतिफल घटता है, तब सोना अधिक आकर्षक विकल्प बन जाता है।


डॉलर की कमजोरी और बॉंड यील्ड में गिरावट का प्रभाव


सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे वैश्विक वित्तीय बाजारों में हो रहे बदलावों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉलर में कमजोरी आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सोने की खरीद आसान हो जाती है। वहीं, अमेरिकी बॉंड यील्ड में गिरावट से निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ता है।


इसके अलावा, पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई बढ़ने की आशंकाओं में कमी आई है। इससे निवेशकों को उम्मीद है कि प्रमुख केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों और मौद्रिक नीतियों में अधिक लचीलापन दिखाने का अवसर मिल सकता है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि


भारतीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 2.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,031.90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी की कीमतों में 4.10 प्रतिशत का उछाल आया और इसका भाव 51.795 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की मांग बढ़ने और डॉलर में कमजोरी के कारण घरेलू वायदा बाजार में भी खरीदारी को प्रोत्साहन मिला।


भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का प्रभाव


वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। रूस की ओर से यूक्रेन और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जताए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावनाएं बनी हैं। दूसरी ओर, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अभी भी अनिश्चितता बरकरार है।


इन घटनाक्रमों के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम को लेकर सतर्कता बनी हुई है। जब दुनिया में युद्ध, राजनीतिक तनाव या कूटनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाले निवेश विकल्पों से पैसा निकालकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में लगाना पसंद करते हैं।


सोने के लिए महत्वपूर्ण स्तर


तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने की कीमतों के लिए 1,41,000 रुपये के आसपास पहला महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर है। इसके बाद 1,43,000 रुपये से 1,43,700 रुपये के बीच अगला प्रमुख रेजिस्टेंस जोन है। यदि कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो बाजार की नजर इन स्तरों पर बनी रहेगी।


गिरावट की स्थिति में सोने के लिए 1,40,000 रुपये का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में महत्वपूर्ण है। इसके नीचे 1,37,500 रुपये से 1,38,300 रुपये के बीच अगला सपोर्ट जोन माना जा रहा है।


चांदी के लिए महत्वपूर्ण स्तर


चांदी की कीमतों में आई तेज बढ़त के बाद अब इसके अगले महत्वपूर्ण स्तरों पर बाजार की नजर बनी हुई है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, एमसीएक्स पर चांदी के लिए 1,86,000 रुपये से 1,88,000 रुपये के बीच तत्काल रेजिस्टेंस जोन है। यदि चांदी इस स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहती है, तो कीमतों के लिए 1,94,000 रुपये से 1,96,000 रुपये के अगले रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है।


गिरावट की स्थिति में चांदी के लिए 1,78,000 रुपये से 1,80,000 रुपये का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। इसके बाद 1,70,000 रुपये से 1,72,000 रुपये के बीच अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है।


फेडरल रिजर्व की नीति का प्रभाव


आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति की अहम भूमिका रहने वाली है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में होने वाले बदलाव और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम भी कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित करेंगे। यदि डॉलर में कमजोरी बनी रहती है और अमेरिकी बॉंड यील्ड में गिरावट जारी रहती है, तो सोने को आगे भी समर्थन मिल सकता है।