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सोना-चांदी की कीमतों में अचानक तेजी, ट्रेड डील से बाजार में उत्साह

सोना और चांदी की कीमतों में हाल ही में गिरावट का दौर समाप्त हो गया है। मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के सकारात्मक अपडेट ने बाजार में उत्साह भर दिया, जिससे सोने की कीमत 5,000 रुपये और चांदी की कीमत 20,000 रुपये से अधिक बढ़ गई। जानें इस तेजी के पीछे के कारण और बाजार की स्थिति के बारे में।
 

सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का अंत

पिछले कुछ दिनों से सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी था, लेकिन मंगलवार (3 फरवरी 2026) को इस पर ब्रेक लग गया। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के अपडेट और टैरिफ में कटौती की खबरों ने बाजार में नया उत्साह भर दिया, जिससे एमसीएक्स पर वायदा कारोबार में जबरदस्त तेजी आई। चांदी की कीमत में 20,000 रुपये से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि सोने की कीमत भी 5,000 रुपये से ज्यादा बढ़ गई।


गिरावट का कारण

29 जनवरी 2026 को सोना और चांदी अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचे थे—सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4,30,048 रुपये प्रति किलो तक। इसके बाद लगातार गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ, जो बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी में कटौती न होने, डॉलर इंडेक्स की मजबूती, प्रॉफिट बुकिंग और वैश्विक मांग-आपूर्ति के असंतुलन से जुड़ा था। सोमवार तक सोने की कीमत 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 2,36,261 रुपये प्रति किलो तक गिर गई थी। कई दिनों में लोअर सर्किट भी लगे थे।


मंगलवार का बाजार

ट्रेड डील की घोषणा के बाद बाजार में खरीदारी का जोरदार दौर शुरू हुआ। एमसीएक्स पर:



  • चांदी (मार्च एक्सपायरी): पिछले बंद से 21,000 रुपये से अधिक उछलकर 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई (कुछ रिपोर्टों में 2,51,500-2,65,000 रुपये तक का उल्लेख)।

  • सोना (अप्रैल एक्सपायरी): 5,494 रुपये बढ़कर 1,49,485 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया (कुछ जगहों पर 1,48,000-1,49,500 रुपये के बीच)।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत 4,833-4,840 डॉलर प्रति औंस और चांदी 82-84 डॉलर प्रति औंस के आसपास तेजी दिखा रही थी। इससे घरेलू बाजार में भी रौनक लौटी।


ट्रेड डील और टैरिफ कट का प्रभाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से बातचीत के बाद टैरिफ को 50% (या 25% + अतिरिक्त) से घटाकर 18% कर दिया। भारत ने रूस से तेल खरीद कम करने और अमेरिकी उत्पादों पर बैरियर्स हटाने का वादा किया। इससे भारतीय निर्यात सस्ता हुआ, अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत आए, और सुरक्षित निवेश वाली एसेट्स जैसे सोना-चांदी में मांग बढ़ी। सेंसेक्स-निफ्टी में भी 2,400-700 अंकों की वृद्धि हुई। विशेषज्ञ इसे निवेशकों के लिए राहत मान रहे हैं, क्योंकि गिरावट के बाद यह रिकवरी बुल रन का हिस्सा लग रहा है।