सोनम वांगचुक की रिहाई: लद्दाख में आंदोलन जारी
सोनम वांगचुक, लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता, को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है। उनकी रिहाई के बाद, उनकी पत्नी ने खुशी व्यक्त की है। हालांकि, लद्दाख में आंदोलन जारी है, जिसमें लोग लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। जानें उनकी गिरफ्तारी का कारण और आगे की स्थिति के बारे में।
Mar 15, 2026, 15:58 IST
सोनम वांगचुक की रिहाई
लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 14 मार्च, शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) को तुरंत रद्द करने का आदेश दिया था। रिहाई के बाद, उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमों ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि महीनों तक जेल में केवल 60 मिनट की सीमित मुलाकातों के बाद, अब वे बिना किसी पाबंदी के खुलकर बातचीत कर पा रहे हैं।
स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भर्ती
रिहाई के बाद, सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य जांच के लिए एक अच्छे अस्पताल में ले जाया गया है। उनकी पत्नी ने बताया कि पारिवारिक डॉक्टर की सलाह पर उन्हें अगले 36 घंटों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। जेल से बाहर आने की सभी कानूनी औपचारिकताएं गीतांजलि ने खुद जोधपुर आकर पूरी कीं। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी उनकी रिहाई पर खुशी जताते हुए उन्हें एक सच्चा राष्ट्रवादी और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ने वाला प्रतीक बताया।
गिरफ्तारी का कारण
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था, जब वे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे थे। लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर उन पर NSA लगा दिया था। गृह मंत्रालय ने अब कहा है कि लद्दाख में शांति और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने के लिए उनकी रिहाई का फैसला लिया गया है।
लद्दाख में प्रदर्शन जारी
हालांकि सोनम वांगचुक को रिहा कर दिया गया है, लेकिन लद्दाख के लोगों का आंदोलन जारी रहेगा। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने घोषणा की है कि 16 मार्च को पूरे लद्दाख में पहले से तय विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि गृह मंत्रालय लद्दाख के अधिकारों की गारंटी देने में देरी कर रहा है, इसलिए वे अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे।