सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त, स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद ICU में भर्ती
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का अंत
प्रसिद्ध लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्होंने NEET पेपर लीक के खिलाफ 26 दिनों तक भूख हड़ताल की, अब उनकी सेहत बिगड़ने के कारण ICU में भर्ती कराया गया है। उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने सोशल मीडिया पर लोगों से सहानुभूति दिखाने की अपील की। वांगचुक ने उपवास समाप्त करने का निर्णय केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया।
उन्होंने अपने आलोचकों पर भी प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि उन्हें अपनी राजनीतिक राय बनाने से पहले सोचने की आवश्यकता है।
गीतांजलि जे. आंग्मो की अपील
गीतांजलि ने कहा कि उनके पति का वजन 11 किलो घट गया है और वे ICU में हैं। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे वांगचुक की भूख हड़ताल की भावना को समझें। उन्होंने कहा, "सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले, हमें उनके त्याग को समझने का प्रयास करना चाहिए।"
वांगचुक के आलोचकों पर प्रतिक्रिया
सोनम वांगचुक ने उन आलोचकों पर भी निशाना साधा जो उनकी भूख हड़ताल के समाप्त होने पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि उन्हें अपने उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए किसी से प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "क्या मुझे किसी से प्रमाण पत्र लेना होगा कि मेरा उपवास कितना पवित्र था?"
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
वांगचुक ने बताया कि उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं की, क्योंकि उनकी प्राथमिकता प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई को रोकना थी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधान अंततः इस्तीफा देंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें मंत्री से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अनशन समाप्त करने का निर्णय लेना पड़ा।
अस्पताल में अनुभव
वांगचुक ने सफ़दरजंग अस्पताल में अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें कैदी जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्वतंत्रता से घूमने नहीं दिया गया और उनके पास मोबाइल या लैपटॉप रखने की अनुमति नहीं थी।