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सेबी ने पांच अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट फंडों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया

भारतीय पूंजी बाजार के नियामक सेबी ने पांच अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट फंडों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह कदम तिमाही रिपोर्ट समय पर न जमा करने के कारण उठाया गया है। सेबी ने इन फंडों को कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। जानें किन फंडों पर यह कार्रवाई की गई और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
 

सेबी का कड़ा कदम

भारतीय पूंजी बाजार के नियामक सेबी ने पांच अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट फंडों (AIFs) का पंजीकरण रद्द कर दिया है। इसका मुख्य कारण तिमाही रिपोर्ट समय पर जमा न करना है। सेबी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, इन फंडों ने बार-बार रिपोर्ट जमा करने में लापरवाही दिखाई थी। कई चेतावनियों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते सेबी ने इन फंडों का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया।


कौन से फंड प्रभावित हुए

सेबी ने अलग-अलग आदेशों के तहत एक्सपोनेंशियल इनोवेशन फंड, फ्लोरिनट्री इंडिया फ्लेक्सी एडवांटेज ट्रस्ट, प्राइम रियल्टी कैपिटल, रुद्राभिषेक इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट और विक्ट्री इन्वेस्टमेंट फंड का पंजीकरण तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। नियामक ने बताया कि ये संस्थाएं मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर 2025 की तिमाहियों के लिए आवश्यक तिमाही गतिविधि रिपोर्ट जमा करने में असफल रहीं।


कारण बताओ नोटिस जारी

वर्तमान नियमों के अनुसार, सभी AIFs को हर तिमाही के अंत के 15 दिनों के भीतर सेबी के इंटरमीडियरी पोर्टल पर रिपोर्ट जमा करनी होती है। इन चूक के बाद, सेबी ने इंटरमीडियरी नियमों के तहत संक्षिप्त कार्यवाही शुरू की और अप्रैल 2026 में इन संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए। उल्लंघन साबित होने पर, सेबी ने यह निर्णय लिया कि नियमों के तहत पंजीकरण रद्द करना उचित है। इस कार्रवाई के बाद, अन्य फंडों को भी सबक मिला है, ताकि वे रिपोर्ट जमा करने में देरी न करें।