सूरत में बम धमकी के फर्जी ईमेल भेजने वाले मजदूर की गिरफ्तारी
सूरत में बम धमकी का मामला
सूरत, 29 जुलाई: गुजरात के सूरत जिले की अदालत को बम से उड़ाने की झूठी धमकी देने के आरोप में एक 35 वर्षीय श्रमिक को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर अपनी रुचि के चलते इस आपराधिक कृत्य को अंजाम दिया और वह उच्चतम न्यायालय को भी इसी तरह की धमकी देने की योजना बना रहा था।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
पुलिस ने बताया कि आरोपी, रतन मिश्रा, बिहार के दरभंगा जिले का निवासी है और पिछले दस वर्षों से अपने बड़े भाई के साथ सूरत में रह रहा था। रतन हीरा पॉलिशिंग उद्योग में काम करता था, लेकिन हाल के महीनों में बेरोजगार हो गया था। उसकी पत्नी भी उसके साथ सूरत में रहने लगी थी।
धमकी का ईमेल और पुलिस की कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त करजराज वाघेला ने बताया कि 13 जुलाई को जिला अदालत को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में 5,000 किलोग्राम आरडीएक्स बम रखा गया है। इसके बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन यह धमकी झूठी साबित हुई। पुलिस ने बताया कि रतन ने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और यूट्यूब पर वीडियो देखकर ईमेल भेजने की विधि सीखी।
जांच में सामने आई जानकारी
जांचकर्ताओं का कहना है कि रतन ने इंस्टाग्राम रील्स में बम धमकी से जुड़े फर्जी वीडियो देखकर ऐसा करने का निर्णय लिया। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से उच्चतम न्यायालय को संबोधित एक ईमेल का ड्राफ्ट भी बरामद किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह वहां भी बम की धमकी देने की योजना बना रहा था। पूछताछ में रतन ने इस बात को स्वीकार किया है।
बेरोजगारी का प्रभाव
पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि बेरोजगार होने के बाद रतन अपना अधिकांश समय दूसरों के मोबाइल हॉटस्पॉट से जुड़कर यूट्यूब वीडियो और सोशल मीडिया रील्स देखने में बिताता था। वह कंटेंट क्रिएटर बनने के तरीके सीखना चाहता था, लेकिन इसी दौरान वह वायरल फर्जी बम धमकी वाले वीडियो से प्रभावित हो गया।