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सुवेंदु अधिकारी की ऐतिहासिक जीत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचाई हलचल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है जब सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में ममता बनर्जी को हराया। इस जीत ने न केवल चुनावी समीकरणों को बदल दिया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जनता का मिजाज किस तरह से बदल रहा है। जानें इस ऐतिहासिक जीत के पीछे की कहानी और इसके राजनीतिक प्रभावों के बारे में।
 

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है, जिसने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को हिला कर रख दिया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए ताज़ा बूथ-वार नतीजों के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को न केवल हराया है, बल्कि उनके अपने वार्ड में भी उन्हें करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ, सुवेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस चुनावी संकल्प को पूरा किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "ममता को उनके अपने गढ़ में हराना है।"


सुवेंदु अधिकारी की जीत का विश्लेषण

चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़ों से पता चलता है कि भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी ने शानदार जीत हासिल की। उन्होंने 267 बूथों में से 207 पर बढ़त बनाई और वार्ड नंबर 73 में भी ममता बनर्जी को हराया, जो उनके कालीघाट स्थित घर का वार्ड है। इस वार्ड में सुवेंदु को 8,932 वोट मिले, जबकि ममता को केवल 4,284 वोट मिले।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले, अमित शाह ने BJP कार्यकर्ताओं से कहा था कि सुवेंदु अधिकारी के लिए उनका संदेश स्पष्ट था: "ममता को उनके घर में जाकर हराना है।" शाह ने कहा था, "मैंने सुवेंदु से कहा था कि ममता को उनके घर में जाकर हराना है।"


भवानीपुर का नया राजनीतिक परिदृश्य

सुवेंदु अधिकारी, जो ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर से लगभग 150 किलोमीटर दूर कांथी के निवासी हैं, ने दक्षिण कोलकाता की इस सीट पर पहले से कोई राजनीतिक आधार नहीं होने के बावजूद ममता से दोगुने से अधिक वोट प्राप्त किए।


जहाँ सुवेंदु को 63 प्रतिशत वोट मिले, वहीं ममता को केवल 30 प्रतिशत वोटों पर संतोष करना पड़ा। यह भी चौंकाने वाला था कि कई वार्डों में ममता को 50 वोट भी नहीं मिले।


भवानीपुर के हर बूथ पर लगभग 400 से 700 वोटर थे। फिर भी, बूथ नंबर 14 पर ममता को केवल 43 वोट मिले, बूथ नंबर 16 पर 42, और अन्य बूथों पर भी उनकी स्थिति कमजोर रही।


2021 के बाद का बदलाव

यह ध्यान देने योग्य है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर हारने के बाद, ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव जीता था, लेकिन इस बार भवानीपुर की जनता का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।


कुल वोटों की बात करें तो:


सुवेंदु अधिकारी को मिले कुल वोट: 73,917


ममता बनर्जी को मिले कुल वोट: 58,812


इस प्रकार, सुवेंदु अधिकारी ने एक बड़े अंतर से भवानीपुर सीट पर विजय प्राप्त कर पश्चिम बंगाल की राजनीति में खुद को एक नए और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित कर लिया है।