सुबह के समय दिल के स्वास्थ्य पर प्रभाव: जानें क्यों है यह महत्वपूर्ण
सुबह की आदतें और दिल का स्वास्थ्य
कई लोग अपने दिन की शुरुआत जल्दी करते हैं, जिसमें जल्दी तैयार होना, अस्वास्थ्यकर नाश्ता करना और भागदौड़ करना शामिल है। ये आदतें दिल के लिए हानिकारक हो सकती हैं। सुबह थोड़ी देर से उठना और शांति से दिन की शुरुआत करना मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ दिल के लिए भी फायदेमंद है।
सुबह का समय दिल के लिए क्यों है ख़तरनाक?
सुबह का पीक समय
1980 और 1990 के दशक में किए गए अध्ययनों से पता चला है कि सुबह 7 से 11 बजे के बीच दिल के दौरे के मामले सबसे अधिक होते हैं। विशेष रूप से, सोमवार को दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जो सप्ताह की शुरुआत के तनाव से जुड़ी होती हैं।
सर्दियों में खतरा
सर्दियों में दिल के दौरे की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं, जो रक्तचाप, हृदय गति और कोर्टिसोल हार्मोन में बदलाव के कारण होती हैं।
क्या यह पैटर्न बदल रहा है?
हाल के शोधों से पता चलता है कि पारंपरिक पैटर्न में बदलाव आ रहा है। ओरेगन सडन अनएक्सपेक्टेड डेथ स्टडी में सुबह या सोमवार को दिल के दौरे की उच्च दर का कोई स्पष्ट पैटर्न नहीं पाया गया।
बदलाव के कारण:
दवाओं का प्रभाव
बीटा ब्लॉकर्स जैसी दवाएं अब सामान्य रूप से दी जाती हैं, जो कोर्टिसोल के प्रभाव को कम करती हैं।
उपचार में सुधार
हृदय रोग के उपचार में सुधार ने स्थिति को बदल दिया है।
आधुनिक जीवनशैली
लंबे कामकाजी घंटे और तनाव के कारण जोखिम पूरे दिन समान रूप से फैल गए हैं।
सुबह के समय हृदय पर तनाव का कारण
डॉ. अनिकेत राठौड़ के अनुसार, सुबह 7 से 11 बजे के बीच हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। नींद के दौरान शरीर आराम में होता है, लेकिन अचानक उठने पर ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसके लिए कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है, जिससे रक्तचाप और हृदय गति बढ़ती है।
सुबह के समय रक्त का थक्का जमाने की क्षमता भी बढ़ जाती है, जिससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ता है।
सुबह की शुरुआत कैसे करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह की शुरुआत शांति से करनी चाहिए।
जागने के बाद सबसे पहले पानी पीना चाहिए।
यदि आप हृदय संबंधी दवाएं ले रहे हैं, तो उन्हें समय पर लें।
प्रोटीन युक्त नाश्ते से दिन की शुरुआत करें।
हल्का व्यायाम या स्ट्रेचिंग करें।
धीरे-धीरे दिन की शुरुआत करें ताकि हृदय पर तनाव कम हो।