सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त की
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदबाद के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय तब आया जब हरियाणा सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में उन पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह घटनाक्रम दो महीने बाद सामने आया, जब कोर्ट ने पहले राज्य सरकार से इस मामले पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने हरियाणा सरकार की दलीलों को सुनने के बाद मामले को बंद करने का आदेश दिया।
हरियाणा सरकार का रुख
हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत में बताया कि राज्य ने इस मामले में आगे कोई कार्रवाई न करने का निर्णय लिया है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, राजू ने कहा कि यह एक बार की उदारता के रूप में मंजूरी को नामंजूर किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले का यहीं अंत होता है और महमूदबाद को चेतावनी दी जा सकती है कि वे ऐसा दोबारा न करें।
महामूदबाद का स्वागत
राजू ने बताया कि नामंजूरी का आदेश 3 मार्च को जारी किया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, जो महमूदबाद का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, ने इस फैसले का स्वागत किया। लूथरा ने अदालत से कहा कि वे आभारी हैं। लाइव लॉ के अनुसार, जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को इस मामले पर पुनर्विचार करने और अभियोजन की मंजूरी देने से इनकार करते हुए केस बंद करने का निर्देश दिया था। यह घटनाक्रम महमूदबाद द्वारा आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान हुआ।