सीएम योगी ने हाथरस में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा और अयोध्या के धार्मिक महत्व पर चर्चा की। योगी ने सपा सरकार के समय के विकास कार्यों की कमी को उजागर करते हुए वर्तमान सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। जानें उनके बयान और योजनाओं के बारे में विस्तार से।
Jun 28, 2026, 15:07 IST
मुख्यमंत्री का हाथरस दौरा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस के सलेमपुर इंडस्ट्रियल एरिया का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने हाथरस की जनता को 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। सीएम ने स्थानीय उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण किया, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक वितरित किए और छोटे बच्चों को खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन भी कराया।
अखिलेश यादव पर सीएम का तंज
कार्यक्रम में बोलते हुए, सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव का कहना है कि यदि उनकी सरकार बनी, तो वे अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। लेकिन पहले अपने इतिहास पर नजर डालें, जब राम भक्तों पर गोली चलाने का काम आपकी सरकार ने किया था।" उन्होंने यह भी कहा कि आज अयोध्या पीएम मोदी के नेतृत्व में त्रेता युग जैसी चमक बिखेर रही है, जिससे विपक्ष की बेचैनी बढ़ गई है।
पैसे के डायवर्जन पर सीएम का बयान
सीएम योगी ने सपा सरकार के पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके शासन में थानों और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक थी। उन्होंने बताया कि आज हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया गया है। उन्होंने कहा, "क्या यह सपा के शासन में संभव था? बिल्कुल नहीं, क्योंकि उस समय विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल के लिए जाता था। हमारी सरकार ने वही पैसा मंदिरों की ओर मोड़ दिया है।"
अखिलेश को योगी की सलाह
योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को सलाह दी कि अयोध्या की चिंता छोड़कर अपने अतीत पर विचार करें और रामलला के दर्शन करें। उन्होंने कहा, "यदि आप सच में धार्मिक दिखना चाहते हैं, तो मथुरा-वृंदावन और श्री कृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलें।"
विपक्ष पर सीएम का हमला
सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए कहा कि उनकी सरकार मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, "आपके पास मुल्ला और मौलवियों के सामने झुकने के अलावा कोई और एजेंडा नहीं है। अयोध्या, मथुरा या काशी की पौराणिक पहचान को बचाने की कोई सोच नहीं है।"