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सीआईसी का पीपीएसी को निर्देश: पेट्रोल और इथेनॉल के आंकड़े सार्वजनिक करें

केंद्रीय सूचना आयोग ने पेट्रोलियम मंत्रालय की योजना इकाई पीपीएसी को निर्देश दिया है कि वह पेट्रोल और इथेनॉल से संबंधित ऐतिहासिक आंकड़े सार्वजनिक करे। आयोग ने पाया कि एक आरटीआई आवेदक को केवल आंशिक जानकारी दी गई थी। इसके तहत पेट्रोल के उत्पादन, आयात, इथेनॉल की खरीद और मुनाफे से जुड़े आंकड़े मांगे गए हैं। आयोग ने पीपीएसी को निर्देश दिया है कि वे सभी उपलब्ध सूचनाएं आवेदक को ई-मेल के माध्यम से भेजें और भविष्य में जानकारी से इनकार करते समय आरटीआई अधिनियम की छूटों का स्पष्ट उल्लेख करें।
 

सीआईसी का महत्वपूर्ण निर्देश

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पेट्रोलियम मंत्रालय की योजना इकाई, पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी), को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आयोग ने पीपीएसी से अनुरोध किया है कि वह पेट्रोल के उत्पादन, आयात, इथेनॉल की खरीद, इसके मिश्रण और पेट्रोलियम क्षेत्र में मुनाफे से संबंधित ऐतिहासिक आंकड़े सार्वजनिक करे। यह कदम तब उठाया गया जब आयोग ने देखा कि एक आरटीआई आवेदक को पीपीएसी द्वारा केवल आंशिक जानकारी प्रदान की गई थी।


आयोग के निर्देश

सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने सुनवाई के दौरान पीपीएसी को निर्देश दिया कि वे इथेनॉल मिश्रण से संबंधित अधिसूचनाओं के लिए विशेष वेब लिंक उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही, इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े प्रश्नों को संबंधित लोक प्राधिकरण को भेजने और कंपनी-वार पेट्रोल आपूर्तिकर्ताओं की जानकारी के मामले में आरटीआई कानून के तहत उचित छूट का स्पष्ट उल्लेख करने का भी आदेश दिया गया है।


आरटीआई आवेदन की जानकारी

आरटीआई आवेदन के माध्यम से देश में पेट्रोल और इथेनॉल कार्यक्रम से जुड़ी छह महत्वपूर्ण श्रेणियों में जानकारी मांगी गई थी। इनमें ईंधन का उत्पादन, आयात, इथेनॉल मिश्रण के मानक, इसकी खरीद और खपत, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण और पेट्रोल की बिक्री से होने वाला मुनाफा शामिल था। आयोग ने स्पष्ट किया कि चूंकि प्रतिवादी ने अब तक केवल आंशिक जानकारी ही दी है, इसलिए विभिन्न बिंदुओं पर संशोधित उत्तर देना आवश्यक है।


पेट्रोल की खरीद और खर्च का विवरण

आवेदन में 2014-15 से पेट्रोल की खरीद, आयात और घरेलू उत्पादन के साथ-साथ इन पर होने वाले सालाना खर्च का स्रोत-वार विवरण मांगा गया था। पीपीएसी ने पहले तर्क दिया था कि सामान्य आंकड़े वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, लेकिन कंपनी-विशेष की जानकारी व्यावसायिक और गोपनीय है, जिसे आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(डी) और 8(1)(ई) के तहत छूट प्राप्त है। हालांकि, जब आवेदक ने कहा कि वह वेबसाइट पर ये आंकड़े नहीं खोज पा रहे हैं, तो आयोग ने पीपीएसी को सभी उपलब्ध सूचनाओं की सॉफ्ट कॉपी सीधे आवेदक के ई-मेल पर भेजने का आदेश दिया।


इथेनॉल मिश्रण के मानदंड

इसी तरह, इथेनॉल मिश्रण के मानदंडों और सरकारी अधिसूचनाओं के मामले में भी आयोग ने पीपीएसी को विशिष्ट वेबसाइट लिंक देने को कहा है। पीपीएसी ने बताया कि यह नियमन राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति 2018 के तहत आता है। वहीं, इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं की सूची के बारे में जानकारी न होने पर, आयोग ने इस बिंदु को संबंधित लोक प्राधिकरण के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया, जो इस जानकारी का संरक्षक है।


पेट्रोल बिक्री से मुनाफे की जानकारी

अंत में, पेट्रोल बिक्री से होने वाले मुनाफे और लाभ मार्जिन की गणना के संबंध में भी आयोग ने ऐतिहासिक डेटा ई-मेल के माध्यम से साझा करने का निर्देश दिया है। आयोग ने पीपीएसी को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में किसी भी जानकारी से इनकार करते समय आरटीआई अधिनियम, 2005 की संबंधित छूटों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए नया उत्तर जारी किया जाए।