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साध्वी प्राची का विवादास्पद बयान: कट्टरता और धर्म रक्षा की आवश्यकता

साध्वी प्राची ने मेरठ में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में कट्टरता और धर्म रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लड़कियों को सलाह दी कि वे काली और दुर्गा बनें, लेकिन बुर्का न पहनें। उनके बयानों ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा को जन्म दिया, जहां उन्होंने बच्चियों से अपील की कि वे आपत्तिजनक रीलें न बनाएं। साध्वी प्राची ने शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि यह बच्चों को कायर बना रही है। जानें उनके विचार और सम्मेलन की अन्य महत्वपूर्ण बातें।
 

साध्वी प्राची का बयान

साध्वी प्राची ने हाल ही में मेरठ में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में एक विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि पत्थर के साथ रहना है, तो पत्थर बनना आवश्यक है। उनका यह भी कहना था कि धर्म की रक्षा के लिए कट्टरता जरूरी है। उन्होंने लड़कियों को सलाह दी कि वे काली और दुर्गा बनें, लेकिन बुर्का न पहनें।


हिंदू सम्मेलन का आयोजन


यह सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 11 से 15 फरवरी तक आयोजित किया गया। साध्वी प्राची ने कहा कि हिंदू समाज को यह समझना चाहिए कि बच्चों को शिवाजी और भगत सिंह के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करना चाहिए।


सोशल मीडिया पर टिप्पणी

साध्वी प्राची ने मंच से सोशल मीडिया के प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चियों से आग्रह किया कि वे छोटे कपड़ों में आपत्तिजनक रील न बनाएं। उनका कहना था कि इस तरह की रीलें समाज में गलत संदेश भेजती हैं। उन्होंने कहा, 'काली बनो, दुर्गा बनो, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो।' उन्होंने यह भी बताया कि देश में हर दिन 4 हजार बच्चियां गायब हो रही हैं।


शिक्षा प्रणाली पर विचार

साध्वी प्राची ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि यह बच्चों को कायर बना रही है, जबकि उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज और शहीद भगत सिंह की वीरता की कहानियां सुनाई जानी चाहिए।