साकेत अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका खारिज की
साकेत की अदालत ने अल फलाह ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। ईडी द्वारा चल रही जांच और आरोपों की गंभीरता के कारण यह निर्णय लिया गया। सिद्दीकी को हिरासत में रखा गया है और उनके खिलाफ अन्य आपराधिक गतिविधियों की भी जांच चल रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के निर्देशों के बारे में।
May 2, 2026, 18:56 IST
जमानत याचिका का खारिज होना
साकेत की अदालत ने अल फलाह ट्रस्ट से जुड़े एक प्रमुख मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) शीतल चौधरी प्रधान ने बचाव पक्ष और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया। ईडी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी रहने के कारण सिद्दीकी को हिरासत में रखा गया है। ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन ने आरोपों की गंभीरता और अन्य आपराधिक गतिविधियों से संभावित संबंधों का हवाला देते हुए सिद्दीकी की रिहाई का विरोध किया। ईडी ने यह भी बताया कि दिल्ली विस्फोट मामले में शामिल कुछ व्यक्ति फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय में कार्यरत थे, जो ट्रस्ट के संबंधों की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
सिद्दीकी के खिलाफ चल रही जांच
सिद्दीकी वर्तमान में ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र का सामना कर रहे हैं, जो अदालत में विचाराधीन है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उनके खिलाफ एक अलग आरोपपत्र भी दायर किया है। एजेंसी ने अदालत को सूचित किया कि सिद्दीकी से जुड़े एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच भी चल रही है। सिद्दीकी की कानूनी टीम, जो अधिवक्ता तालिब मुस्तफा के नेतृत्व में है, ने पहले मानवीय आधार पर कुछ समय के लिए राहत प्राप्त की थी, लेकिन ईडी ने इस राहत को चुनौती दी। 7 फरवरी को साकेत कोर्ट ने सिद्दीकी को उनकी पत्नी की देखभाल के लिए दो सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी, जिनका कैंसर का इलाज चल रहा है। ईडी ने इस अंतरिम राहत के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की।
उच्च न्यायालय का निर्देश
उच्च न्यायालय ने निचली अदालत को ईडी के आवेदन पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया। निचली अदालत ने आज नियमित जमानत याचिका को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया।
अदालत के निर्देश
अदालत ने सिद्दीकी को बिना अनुमति के दिल्ली एनसीआर छोड़ने से मना किया है। इसके साथ ही, उन्हें अपना पासपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपने का भी निर्देश दिया गया है।