साई गिरिधर बने FADA के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑटोमोबाइल डीलरशिप की लाभप्रदता पर देंगे ध्यान
जयपुर में FADA का नेतृत्व परिवर्तन
जयपुर: फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने ऑटोमोबाइल रिटेल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अनुभवी कारोबारी साई गिरिधर को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह 2026-28 के कार्यकाल के लिए FADA के 38वें अध्यक्ष बने हैं। यह निर्णय 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित FADA की 62वीं वार्षिक आम बैठक के बाद हुई 323वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में लिया गया।
गिरिधर का अनुभव और नई जिम्मेदारियां
गिरिधर ने पूर्व अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर से पदभार ग्रहण किया है। उनकी नई भूमिका में मुख्य ध्यान देशभर की ऑटोमोबाइल डीलरशिप की लाभप्रदता और व्यवहार्यता को बढ़ाने, डीलर्स और वाहन निर्माताओं के बीच संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न आकार के डीलर्स की आवाज को FADA के मंच पर मजबूती से रखने पर होगा।
तीन दशकों का अनुभव
Saisha Motors Pvt. Ltd. के मैनेजिंग डायरेक्टर साई गिरिधर के पास ऑटोमोबाइल रिटेल में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने 1995 में जयपुर में Daewoo Motors की डीलरशिप से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में जनरल मोटर्स सहित अन्य ब्रांड्स के साथ काम किया।
उनकी डीलरशिप ग्रुप में Skoda, Volvo Cars, JSW MG Motor और MG Select जैसे ब्रांड्स शामिल हैं। उन्होंने राजस्थान के विभिन्न शहरों में ऑटोमोबाइल रिटेल नेटवर्क का विस्तार किया है।
FADA में योगदान
गिरिधर का FADA से जुड़ाव केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है। वह एक दशक से अधिक समय से इस संगठन से जुड़े हैं और राजस्थान के स्टेट चेयरपर्सन के रूप में चार साल तक कार्य किया है। इसके अलावा, वह Authorised Motor Association of Rajasthan में सचिव की भूमिका में भी रहे हैं।
डीलरशिप की लाभप्रदता पर ध्यान
नए अध्यक्ष के रूप में गिरिधर ने संकेत दिया है कि अगले दो वर्षों में डीलरशिप को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। इसमें OEM और डीलर्स के बीच बेहतर तालमेल, कारोबारी मॉडल में बदलाव और तकनीकी नवाचार शामिल हैं।
डीलर्स को इन्वेंट्री, फाइनेंसिंग लागत, कर्मचारियों और बदलती ग्राहक मांग जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए डीलरशिप की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना FADA के लिए एक महत्वपूर्ण एजेंडा है।
सभी डीलर्स की आवाज बनना
गिरिधर ने यह स्पष्ट किया है कि FADA के मंच पर विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे डीलर्स को प्रतिनिधित्व मिलना आवश्यक है। उनका ध्यान केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों के डीलर्स की समस्याओं को भी उजागर करेगा।
ऑटो रिटेल अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है; छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी वाहन बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
2026 में ऑटो बाजार की संभावनाएं
गिरिधर के सामने यह जिम्मेदारी ऐसे समय में आई है जब भारतीय ऑटोमोबाइल रिटेल बाजार में मांग मजबूत है। FADA के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में कुल ऑटो रिटेल बिक्री 25.91 लाख यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 26 प्रतिशत अधिक है।
गिरिधर ने कहा कि 2026 में भारत में पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री 50 लाख यूनिट को पार कर सकती है, जिसका मुख्य कारण छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग है।
नई तकनीक और बदलते बाजार पर ध्यान
ऑटोमोबाइल क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन, डिजिटल रिटेल और ग्राहकों की बदलती पसंद ने डीलरशिप के स्वरूप को बदल दिया है। गिरिधर ने ऑटो रिटेल को युवाओं के लिए एक करियर विकल्प के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
नई नेतृत्व टीम
FADA की 2026-28 की नई नेतृत्व टीम में साई गिरिधर के साथ अमर जतिन शेठ उपाध्यक्ष, प्रदीप अग्रवाल सचिव और भारत कुमार चोर्डिया कोषाध्यक्ष के रूप में चुने गए हैं। यह नई टीम संगठन को अगले दो वर्षों के लिए स्पष्ट नेतृत्व प्रदान करेगी।
निष्कर्ष
साई गिरिधर की नियुक्ति को भारतीय ऑटोमोबाइल डीलर समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। उनका तीन दशक का अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर पर डीलर्स के हितों को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। आने वाले वर्षों में डीलरशिप की लाभप्रदता, OEM-डीलर संबंध, तकनीकी बदलाव और छोटे-बड़े बाजारों का प्रतिनिधित्व उनके कार्यकाल के प्रमुख मुद्दे रहेंगे।