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सरिस्का में बाघ पुनर्स्थापन परियोजना की 18वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय सेमिनार

सरिस्का में बाघ पुनर्स्थापन परियोजना की 18वीं वर्षगांठ पर एक भव्य राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण के विशेषज्ञों ने भाग लिया और सरिस्का की सफलता को पूरे भारत की उपलब्धि बताया। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह परियोजना विलुप्त वन्यजीवों की आबादी को पुनर्जीवित करने का एक उदाहरण है। NTCA के महानिदेशक सुशील अवस्थी ने भविष्य की संरक्षण नीतियों पर चर्चा की।
 

सरिस्का में भव्य राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन


आज सरिस्का में अलवर Tiger Reintroduction परियोजना की 18वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के वन्यजीव संरक्षण के विशेषज्ञ, नीति निर्माता और टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर शामिल हुए।


यह आयोजन केवल एक वर्षगांठ नहीं है, बल्कि उस ऐतिहासिक यात्रा का जश्न है जिसने एक ऐसे जंगल को पुनर्जीवित किया, जहां पहले बाघों की आवाज़ पूरी तरह से गायब हो गई थी। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने इस सेमिनार का उद्घाटन किया।


केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि सरिस्का की सफलता केवल राजस्थान की नहीं, बल्कि पूरे भारत की उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत वर्तमान में विश्व में सबसे अधिक जंगली बाघों का घर है, और सरिस्का इसका एक जीवंत उदाहरण है। यह दर्शाता है कि वैज्ञानिक योजना, राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्थानीय समुदाय की भागीदारी से विलुप्त वन्यजीवों की आबादी को पुनर्जीवित किया जा सकता है।


NTCA के महानिदेशक सुशील अवस्थी ने कहा, "आज का दिन ऐतिहासिक है, जब 18 वर्ष पहले सरिस्का में बाघों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई थी। सरिस्का ने इतिहास रचा है और अब हम पूरे देश में वन्यजीव गलियारों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि बाघों और अन्य वन्यजीवों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।"


उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में संरक्षण केवल संरक्षित क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लैंडस्केप स्तर पर संरक्षण रणनीतियों का विकास किया जाएगा।


वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका


इस राष्ट्रीय सेमिनार में देशभर के वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्य प्रतिभागियों में शामिल हैं—


केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव


राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा


NTCA के महानिदेशक सुशील अवस्थी


अतिरिक्त महानिदेशक (वन) संजय कुमार


इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) के महानिदेशक एस. पी. यादव


देश के 11 राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक


20 से अधिक टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर


वरिष्ठ भारतीय वन सेवा अधिकारी


वन्यजीव वैज्ञानिक


संरक्षण जीवविज्ञानी


अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ


राजस्थान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी।


इन सभी अधिकारियों ने भविष्य की संरक्षण नीति, आधुनिक तकनीक, मानव-वन्यजीव संघर्ष, कॉरिडोर विकास और वैज्ञानिक मॉनिटरिंग पर अपने विचार साझा किए।