सरकार की सख्त चेतावनी: पेट्रोल-डीजल बिक्री पर सीमा नहीं लगाई जा सकती
पेट्रोलियम सचिव का स्पष्ट संदेश
केंद्र सरकार ने निजी ईंधन कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कोई सीमा नहीं लगा सकतीं। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने इस बात की पुष्टि की है कि रिटेलर्स को अपनी ओर से बिक्री पर कोई प्रतिबंध लगाने की अनुमति नहीं है।
बिक्री सीमाओं की खबरें
यह मामला तब सामने आया जब कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर डीजल की खरीद की मात्रा सीमित करने की सूचनाएं मिलीं। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ Jio-bp आउटलेट्स पर डीजल खरीद की सीमा 50 लीटर तक थी, जबकि Nayara Energy के कुछ आउटलेट्स पर यह सीमा 70 से 200 लीटर के बीच बताई गई।
सरकार की प्रतिक्रिया
पेट्रोलियम सचिव ने कहा कि इस तरह की बिक्री सीमाएं स्वीकार्य नहीं हैं। सरकार इस मुद्दे पर निजी कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे बिक्री को सीमित न करें।
ग्राहकों पर प्रभाव
इस घटनाक्रम का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो नियमित रूप से निजी पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदते हैं। सरकार का मानना है कि रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए और कंपनियों को बिक्री की मात्रा सीमित नहीं करनी चाहिए।
बिक्री सीमा का कारण
रिपोर्टों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और घरेलू खुदरा तथा थोक कीमतों के बीच के अंतर के कारण कुछ बड़े खरीदार रिटेल पंपों से डीजल खरीदने लगे थे। इससे कुछ आउटलेट्स पर मांग और स्टॉक पर दबाव बढ़ गया।
पिछले नियमों का संदर्भ
सरकार ने जून 2026 में डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अस्थायी नियम लागू किए थे, जिसमें एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल देने की सीमा थी। हालांकि, 1 जुलाई 2026 से इन अस्थायी प्रतिबंधों को हटा लिया गया था।
निजी कंपनियों की स्थिति
Nayara Energy ने बिक्री पर कोई व्यापक रोक या सीमा लगाने से इनकार किया है। कंपनी ने कहा है कि वह अपने नेटवर्क में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कदम उठा रही है।
इसलिए, वर्तमान में सरकार का संदेश यह है कि निजी रिटेलर्स को पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर कोई मनमानी सीमा नहीं लगानी चाहिए। ईंधन की कीमतों और वैश्विक तेल बाजार की स्थिति में बदलाव के बीच यह मुद्दा आगे भी महत्वपूर्ण बना रह सकता है।