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सरकार की चेतावनी: फर्जी वेबसाइटों से बचने के उपाय

सरकार ने हाल ही में फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से हो रहे धोखाधड़ी के मामलों पर चेतावनी दी है। धोखेबाज विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और DigiLocker जैसी सेवाओं की नकली वेबसाइटें बनाकर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराते हैं। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे पहचानें असली और नकली वेबसाइटें, और किन उपायों से आप अपनी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं।
 

फर्जी वेबसाइटों से संबंधित चेतावनी

हाल ही में, सरकार ने फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से हो रहे धोखाधड़ी के मामलों पर ध्यान आकर्षित किया है। धोखेबाज विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और DigiLocker जैसे प्लेटफार्मों की नकली वेबसाइटें बनाकर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराते हैं। इसके परिणामस्वरूप, वे धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इन स्कैमर्स के पास आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, ई-मेल पते और फोन नंबर जैसी संवेदनशील जानकारियाँ पहुँच जाती हैं।


सरकार की एडवाइजरी

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने छात्रों को नकली वेबसाइटों से सावधान रहने की सलाह देते हुए एक एडवाइजरी जारी की है। डिजिटल इंडिया के आधिकारिक हैंडल पर साझा की गई जानकारी में बताया गया है कि स्कैमर्स द्वारा DigiLocker और CISCE के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट 'digilocker.cisceboard.org' बनाई गई है, जो असली DigiLocker पोर्टल के समान दिखती है। यह नकली साइट लोगों को भ्रमित कर रही है और उनकी व्यक्तिगत जानकारियाँ, जिसमें OTP भी शामिल है, चुरा रही है।


कैसे पहचानें असली और नकली वेबसाइट?

नकली वेबसाइटें अक्सर असली वेबसाइटों के समान दिखती हैं, जिससे उन्हें पहचानना कठिन हो जाता है। यदि आप तकनीकी रूप से दक्ष नहीं हैं, तो ऐसी वेबसाइटों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन कुछ बुनियादी बातों पर ध्यान देकर आप यह जान सकते हैं कि वेबसाइट असली है या नकली।



  1. URL की जाँच करें। यदि किसी वेबसाइट का URL अजीब लगता है, तो सतर्क हो जाएं। हैकर्स अक्सर असली वेबसाइट के समान URL का उपयोग करते हैं।

  2. किसी भी लिंक पर क्लिक करने के बजाय, सीधे URL टाइप करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

  3. अपने फोन में फर्जी ऐप्स को डाउनलोड होने से रोकने के लिए Google Play Protect को सक्रिय रखें।

  4. अपनी व्यक्तिगत जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर ही दर्ज करें।

  5. यदि किसी वेबसाइट का URL 'https://' से शुरू होता है, तो वह सुरक्षित मानी जाएगी।