सम्राट चौधरी बने बिहार के नए मुख्यमंत्री, मोदी-नीतीश मॉडल पर चलने का लिया संकल्प
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री पद ग्रहण
बिहार के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने कार्यभार ग्रहण करते ही राज्य के विकास के लिए काम शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में शासन की व्यवस्था "मोदी-नीतीश मॉडल" पर आधारित होगी। शपथ लेने के बाद चौधरी ने कहा, "मैं आज से ही बिहार के लिए काम करना शुरू कर दूंगा।"
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद का बदलाव
नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा में जाने के बाद सम्राट चौधरी ने औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला, जो भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। समारोह के तुरंत बाद, उन्होंने प्रशासनिक कार्यों की शुरुआत की। पटना में लोक भवन के बाहर उनके समर्थकों ने उत्साह से नारे लगाए। चौधरी ने कहा कि शासन पूरी तरह से मोदी-नीतीश ढांचे के अनुसार होगा।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नए मुख्यमंत्री पर भरोसा जताते हुए कहा कि चौधरी नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाएंगे और सभी कमियों को दूर करेंगे। उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने 20 वर्षों तक सरकार चलाई, इसलिए हमें विश्वास है कि सम्राट चौधरी बिहार को आगे बढ़ाएंगे।" भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने भी इस घटनाक्रम का स्वागत किया और कहा कि चौधरी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार के विकास के सपने को साकार करेंगे।
भाजपा का मुख्यमंत्री पद पर पहला कदम
यह पहली बार है जब भाजपा ने वर्षों तक एनडीए गठबंधन का हिस्सा रहने के बावजूद मुख्यमंत्री का पद हासिल किया है। पहले, नीतीश कुमार चुनावी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री बने रहे, लेकिन उनके राज्यसभा में जाने से भाजपा को नेतृत्व संभालने का अवसर मिला। चौधरी इससे पहले नीतीश कुमार सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके पदोन्नति के बाद, जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र कुमार यादव ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।