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समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार पर परीक्षा मुद्दों को लेकर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी ने परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की और सवाल उठाया कि क्या केवल कड़े कानूनों से पेपर लीक की समस्या का समाधान किया जा सकता है। अखिलेश यादव ने सरकार से मांग की कि वह उन बिंदुओं का खुलासा करे जिन पर उसने सहमति जताई है। इस बीच, वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने पेपर लीक की समस्या के समाधान के लिए केंद्र के नए बिल पर सवाल उठाए। अवधेश प्रसाद ने भी इस बिल की समयबद्धता पर चिंता जताई।
 

समाजवादी पार्टी का केंद्र सरकार पर हमला

समाजवादी पार्टी ने सोमवार को परीक्षा से संबंधित मुद्दों के प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार जनता की भावनाओं की अनदेखी कर रही है। इसके साथ ही, पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल कड़े कानूनों के माध्यम से पेपर लीक की समस्या का समाधान किया जा सकता है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस बड़े आंदोलन का अंत या तो सरकार की नीतियों के कारण हुआ या फिर इसलिए कि सरकार ने छात्रों की मांगों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सरकार को उन बिंदुओं का खुलासा करना चाहिए जिन पर उसने सहमति जताई है। सरकार ने कहा था कि कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा, फिर भी कई मामलों में कार्रवाई की गई है। बिहार में कई छात्रों को जेल भेजा गया है।


अखिलेश यादव का बयान

पत्रकारों से बातचीत करते हुए, SP प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों और युवाओं के खिलाफ कई जगहों पर मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को "जन-चेतना" को चुनौती नहीं देनी चाहिए, और बढ़ती जन-जागरूकता खुद सत्ताधारी व्यवस्था के लिए एक चुनौती बन गई है। इस मुद्दे पर विपक्ष की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेता एक साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे।


पेपर लीक पर रामगोपाल यादव की चिंता

इस बीच, वरिष्ठ SP नेता रामगोपाल यादव ने यह सवाल उठाया कि क्या 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' और नंदन नीलेकणि की अगुवाई में परीक्षा सुधारों के लिए बनाई गई हाई-पावर्ड टास्क फ़ोर्स अकेले पेपर लीक की समस्या को समाप्त कर सकेगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक तब होता है जब प्रश्न-पत्र तैयार किया जाता है या जब उसे छापा जाता है। जिन कोचिंग सेंटरों की पहुंच अधिक होती है, वहां अक्सर अंदरूनी व्यवस्थाएं होती हैं, और वहीं से लीक की शुरुआत होती है। चाहे कितने भी कानून बनाए जाएं, ये समस्याएं तब शुरू हुईं जब प्रक्रिया डिजिटल हुई।


अवधेश प्रसाद का बयान

SP के एक और वरिष्ठ नेता अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह बिल बहुत देर से आया है। उन्होंने कहा कि इसे पहले ही लागू किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है। यदि यह कानून पहले से होता, तो कई युवाओं की जान बचाई जा सकती थी। छात्रों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कई लोग घायल हुए और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया। यदि यह कानून पहले लागू होता, तो ऐसी घटनाएं शायद नहीं होतीं।


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