×

सपा का विधान भवन में प्रदर्शन: अयोध्या मंदिर चढ़ावे चोरी और शिक्षा संकट पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले, समाजवादी पार्टी (सपा) ने विधान भवन परिसर में प्रदर्शन किया। सपा के विधायकों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, सरकारी विद्यालयों के बंद होने, और अन्य मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई। विधायक रागिनी सोनकर ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि अन्य सदस्यों ने बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। यह सत्र राज्य विधानसभा के आगामी चुनाव से पहले का संभवतः अंतिम सत्र है।
 

सपा का विरोध प्रदर्शन

लखनऊ, 3 अगस्त: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले, समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने सोमवार को विधान भवन परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी सहित कई मुद्दों पर प्रदर्शन किया। सपा के सदस्यों ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर अपनी आवाज उठाई।


प्रदर्शन के दौरान, सपा सदस्यों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, पिछले दस वर्षों में 26 हजार से अधिक सरकारी विद्यालयों के बंद होने, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने, और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए।


कुछ सदस्यों ने प्रतीकात्मक रूप से अपने सिर पर 'चंदा पेटिका' लिखे दानपात्र रखे थे। सपा विधायक रागिनी सोनकर ने आरोप लगाया कि भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार ने प्रदेश को ऐसा तोहफा दिया है कि 2026 तक 26 हजार सरकारी विद्यालय बंद हो चुके हैं, जिसके कारण 18 हजार बेटियों ने पढ़ाई छोड़ दी है।


सोनकर ने कहा कि भाजपा सरकार केवल जुमलेबाजी कर रही है और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगियों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी जैसा 'पाप' किया है। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट पेश की है, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


प्रधान ने कहा, 'आज हम यहां चंदा चोरों के खिलाफ अभियान लेकर आए हैं।' इस दौरान कुछ सपा सदस्यों ने 'चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो' के नारे भी लगाए। सपा सदस्य कमाल अख्तर ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है, प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, युवा सड़कों पर हैं, और किसानों को खाद नहीं मिल रही है।


उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा, 'हम इन सभी मुद्दों को सदन में उठाना चाहते हैं, लेकिन सरकार ने सत्र की अवधि कम करके चर्चा से बचने का प्रयास किया है।' उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक चलेगा। यह विधानमंडल का संभवतः अंतिम सत्र है, जिसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट 4 अगस्त को प्रस्तुत करेगी।