×

सच्चे प्यार का अनुभव: एक से अधिक बार हो सकता है

एक नई रिसर्च से पता चला है कि लोग अपने जीवन में एक से अधिक बार सच्चा प्यार अनुभव कर सकते हैं। अमेरिका के Kinsey Institute द्वारा किए गए अध्ययन में 10,036 अविवाहित व्यक्तियों को शामिल किया गया। इस अध्ययन में यह भी सामने आया कि उम्र के साथ प्यार का अनुभव बढ़ता है। शोध के अनुसार, पुरुष और महिलाएं प्यार में भिन्न तरीके से जुड़ते हैं। जानें इस अध्ययन के और भी दिलचस्प नतीजे।
 

सच्चे प्यार का नया नजरिया


नारी डेस्क: फिल्मों और कहानियों में अक्सर यह कहा जाता है कि इंसान को जीवन में केवल एक बार सच्चा प्यार मिलता है। लेकिन एक नई अध्ययन इस धारणा को चुनौती देती है। शोध के अनुसार, अधिकांश लोग अपने जीवन में एक से अधिक बार सच्चा प्यार अनुभव करते हैं।


किन्से इंस्टीट्यूट का अध्ययन

अमेरिका के Kinsey Institute ने 10,036 अविवाहित व्यक्तियों पर यह अध्ययन किया, जिसमें 18 से 99 वर्ष के लोग शामिल थे। यह पहली बार है जब किसी अध्ययन में लोगों से सीधे पूछा गया कि उन्हें जीवन में कितनी बार सच्चा प्यार हुआ है। उनके अनुसार, अधिकांश लोगों के लिए ‘गहरा और सच्चा प्यार’ का अनुभव कुछ ही बार होता है, लेकिन यह एक से अधिक बार भी हो सकता है।


सच्चे प्यार की आवृत्ति


स्टडी के परिणाम


30.3% प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें दो बार सच्चा प्यार हुआ। 27.8% ने केवल एक बार प्यार का अनुभव किया, जबकि 16.8% ने तीन बार प्यार में पड़ने की बात कही। वहीं, 14% ने कहा कि उन्होंने कभी भी ‘जुनूनी’ या गहरा प्यार महसूस नहीं किया।


उम्र और प्यार का अनुभव

शोध में यह भी पाया गया कि बुजुर्गों ने युवाओं की तुलना में अधिक बार प्यार में पड़ने की बात स्वीकार की। यह दर्शाता है कि जीवन के विभिन्न चरणों में लोग विभिन्न व्यक्तियों से गहरा जुड़ाव महसूस कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि ‘गहरा प्यार’ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि यह अनुभव किसे और कितनी बार मिलता है।


पुरुष और महिलाएं: प्यार में भिन्नताएँ

ऑस्ट्रेलिया की Australian National University के अध्ययन में यह भी सामने आया कि 33 देशों के 808 युवाओं (18 से 25 वर्ष) पर किए गए शोध में पाया गया कि पुरुष औसतन महिलाओं से लगभग एक महीने पहले प्यार में पड़ जाते हैं। महिलाएं प्यार को अधिक गहराई से अनुभव करती हैं और अपने साथी के बारे में अधिक सोचती हैं।


शोध का निष्कर्ष

इस शोध का निष्कर्ष यह है कि किसी एक ‘सोलमेट’ का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। जीवन के विभिन्न चरणों में विभिन्न लोगों से सच्चा और गहरा प्यार संभव है।