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सचिन तेंदुलकर ने वैभव सूर्यवंशी को बताया 'विशेष' प्रतिभा

क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की सराहना की है, उन्हें 'विशेष' प्रतिभा करार देते हुए। तेंदुलकर ने कहा कि सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में कुछ खास है और उन्होंने कोचों से आग्रह किया कि इस युवा खिलाड़ी के नैसर्गिक खेल में हस्तक्षेप न करें। जानें तेंदुलकर ने सूर्यवंशी के खेल के बारे में और क्या कहा।
 

सचिन तेंदुलकर की प्रशंसा

क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की सराहना करते हुए उन्हें एक 'विशेष' प्रतिभा बताया। उन्होंने कोचों और मेंटर्स से अनुरोध किया कि इस उभरते सितारे के नैसर्गिक खेल में हस्तक्षेप न करें।


सूर्यवंशी ने पिछले आईपीएल सत्र में अपने करियर की शुरुआत की और सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस सत्र में, उन्होंने विश्व के शीर्ष गेंदबाजों जैसे जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की।


तेंदुलकर ने क्रिकइन्फो ऑनर्स में कहा, 'हर कोई सूर्यवंशी के बारे में बात कर रहा है। मैंने उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखा और यह अद्भुत था। वह वास्तव में कुछ खास हैं।'


सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की विशेषताएँ

सचिन ने कहा कि सूर्यवंशी की गेंद को हिट करने की क्षमता और कलाई का कमाल उन्हें बहुत प्रभावित करता है। बिहार के समस्तीपुर से 15 वर्षीय सूर्यवंशी ने इस आईपीएल में 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए।


तेंदुलकर ने कहा, 'मैदान के हर कोने में खेलने के लिए कलाई का सही उपयोग आवश्यक है। वह गेंद को जोर से नहीं मारता, बल्कि गेंद की लाइन और लेंथ को पहले से समझ लेता है।'


भविष्य की संभावनाएँ

तेंदुलकर ने विश्वास व्यक्त किया कि सूर्यवंशी में भविष्य में टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस युवा खिलाड़ी से करियर की शुरुआत में बहुत अधिक उम्मीदें रखना उचित नहीं है।


उन्होंने सलाह दी, 'बस खुद बने रहें। हर चीज की शुरुआत होती है। टेस्ट क्रिकेट में वह उम्र के साथ विभिन्न चुनौतियों का सामना करना सीखेंगे।' तेंदुलकर ने कहा कि समस्याएं हमेशा बनी रहेंगी और यह खिलाड़ी पर निर्भर करता है कि वह उनसे कैसे निपटता है।


सहज दृष्टिकोण का महत्व

तेंदुलकर ने कहा, 'वह एक ऐसा खिलाड़ी है जो आत्मविश्वास से भरा हुआ लगता है। उसे पता है कि उसे क्या करना है, इसलिए मैं उसकी नैसर्गिक प्रवृत्ति के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहूंगा।'


उन्होंने यह भी कहा कि सहज दृष्टिकोण बनाए रखना इस युवा खिलाड़ी के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। 'अगर उसमें किसी तरह का व्यवधान डाला जाता है, तो यह सबसे बड़ी चुनौती होगी।' तेंदुलकर ने कहा कि सभी को सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में देखने की इच्छा है, लेकिन यह चयनकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे उसे प्रोत्साहित करें।