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सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए 3 बिलियन डॉलर की सहायता राशि जारी की

सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 3 बिलियन डॉलर की सहायता राशि जारी की है, जब पाकिस्तान ने ईरान के साथ संभावित संघर्ष के खतरे को देखते हुए अपने 13,000 सैनिकों को तैनात किया। यह राशि दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते का हिस्सा है, जो पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद कर सकती है। जानें इस समझौते के पीछे की कहानी और पाकिस्तान की वर्तमान आर्थिक चुनौतियों के बारे में।
 

सऊदी अरब की सहायता और पाकिस्तान के सैनिक

सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए 3 बिलियन डॉलर (लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये) की सहायता राशि जारी की है। यह कदम तब उठाया गया जब पाकिस्तान ने ईरान के साथ संभावित संघर्ष के खतरे को देखते हुए रियाद में अपने 13,000 सैनिकों को तैनात किया। इस राशि को दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते के रूप में देखा जा रहा है। 2025 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ एक रक्षा समझौता किया था, जिससे सऊदी की सुरक्षा में वृद्धि हुई और पाकिस्तान को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद थी।


पाकिस्तान के एक सैनिक की कीमत कितनी है? सऊदी अरब ने लगा दी बोली


ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह सहायता राशि ऐसे समय में दी गई है जब पाकिस्तान ने अपने सैनिकों को सऊदी अरब की सुरक्षा में तैनात किया है। इस कारण से, इस राशि को पाकिस्तान की सेना की तैनाती से जोड़ा जा रहा है।


अल अरबिया के अनुसार, यह अतिरिक्त सहायता राशि एक सप्ताह के भीतर प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, सऊदी अरब से पाकिस्तान द्वारा पूर्व में लिए गए कर्ज की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है।


पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौता

पाक और सऊदी के बीच डिफेंस डील


सितंबर 2025 में, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने एक रक्षा समझौता किया था, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला होने पर इसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस डील के माध्यम से सऊदी अरब ने खुद को पाकिस्तान के परमाणु सुरक्षा कवच के तहत रखा है, क्योंकि पाकिस्तान के पास लगभग 150 परमाणु हथियार हैं।


इस डील ने खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब की स्थिति को मजबूत किया है, और पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था। सऊदी अरब ने पाकिस्तान के स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में निवेश करने की योजना बनाई थी, लेकिन डील के सात महीने बाद भी कोई निवेश नहीं किया गया था।


हालांकि, जैसे ही पाकिस्तान ने ईरान के साथ संभावित युद्ध के खतरे को देखते हुए रियाद में अपने सैनिकों और हथियारों को भेजा, सऊदी अरब ने 3 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त सहायता राशि जारी की। यदि इसे सैनिकों की संख्या के अनुसार देखा जाए, तो सऊदी अरब ने पाकिस्तान के प्रत्येक सैनिक की कीमत 20 करोड़ रुपये निर्धारित की है।


पाकिस्तान के लिए आर्थिक स्थिति

पाकिस्तान के लिए यह जरूरी क्यों है?


पाकिस्तान वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उस पर 3.5 बिलियन डॉलर के कर्ज का दबाव है, जिसे चुकाने की आवश्यकता है। यूएई ने इस महीने के अंत में पाकिस्तान से पैसे की मांग की है। इसके अलावा, ईरान के साथ संभावित संघर्ष के कारण पाकिस्तान में महंगाई बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी है। ऐसे में पाकिस्तान के पास वित्तीय संसाधन जुटाने के सीमित विकल्प बचे हैं।