संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए राहुल गांधी से बातचीत
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से संसद में गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की। इस चर्चा में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के साथ संवाद बनाए रखना आवश्यक है, जबकि राहुल गांधी ने सभी पार्टियों से सलाह लेने की बात कही। जानें इस बातचीत के प्रमुख बिंदु और संसद के वर्तमान हालात के बारे में।
Aug 6, 2026, 18:53 IST
संसद में गतिरोध समाप्त करने की कोशिश
गुरुवार को, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से बातचीत की, जो संसद के लगभग तीन हफ्ते तक ठप रहने के बाद हुई। इस चर्चा में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर समर्थन बढ़ाने की बात की गई। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस विषय पर सरकार से बात करने से पहले INDIA गठबंधन की सभी पार्टियों से सलाह-मशविरा करेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बिल पास करने के लिए आवश्यक संख्या पहले ही जुटाई जा चुकी है, लेकिन चूंकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है, सरकार उन्हें भी साथ लाना चाहती है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि हमने एक विशेष मुद्दे पर चर्चा की और अन्य विषयों पर भी विचार किया। हम कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ संवाद बनाए रखना चाहते हैं और मिलकर काम करने की इच्छा रखते हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, हमें देशहित में एकजुट होकर काम करना चाहिए। हालांकि, कुछ लोग यह धारणा बना रहे हैं कि विपक्ष संसद को चलने नहीं देना चाहता, लेकिन इससे नुकसान किसका होगा?
उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्री ने कई बिल पेश किए हैं और वे संसद में सुबह से शाम तक उपस्थित रहते हैं। यह स्पष्ट है कि जिस मंत्री का बिल सदन में विचाराधीन होता है, वह वहां मौजूद रहता है। किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री लगातार संसद में रहते हैं, लेकिन विपक्ष के सदस्य सदन को चलने नहीं देते; इसके बजाय, वे बाहर नारेबाज़ी करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उचित नहीं है... राज्यसभा में कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों के वॉकआउट के बावजूद, बिलों को पूरी चर्चा के बाद पास किया जा रहा है। कई सांसद चर्चाओं में भाग ले रहे हैं और अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि अंततः नुकसान कांग्रेस का ही होता है, खासकर उसके नए सांसदों का, क्योंकि वे बोलने का अवसर खो देते हैं। देश आगे बढ़ रहा है, फिर भी वे हर दिन वही नारे लगाते रहते हैं। छात्रों के मुद्दे पर, प्रधानमंत्री ने परीक्षा पेपर लीक की समस्या को हल करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। फिर भी, ये लोग सुबह एक ही मुद्दे पर ड्रामा करते हैं और भगवान राम का अपमान करने जैसा व्यवहार करते हैं। ऐसा करना और लगातार नारे लगाना सही नहीं है।
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