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संसद का बजट सत्र समाप्त, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

आज संसद के दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जिससे बजट सत्र समाप्त हो गया। इस सत्र में 31 बैठकें हुईं और कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही। महिला आरक्षण विधेयक पर मत विभाजन में पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। राज्यसभा के सभापति ने बजट सत्र के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के प्रभाव पर चर्चा की। जानें इस सत्र की प्रमुख बातें और विधेयकों की स्थिति।
 

संसद का बजट सत्र समाप्त

आज संसद के दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जिससे इस वर्ष का बजट सत्र समाप्त हो गया। यह सत्र 28 जनवरी को शुरू हुआ था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जानकारी दी कि इस सत्र में कुल 31 बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें सदन की कार्यवाही 151 घंटे और 42 मिनट तक चली। उन्होंने बताया कि इस सत्र की कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य प्रमुख नेता सदन में उपस्थित थे। बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से हुई। पहले यह सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, लेकिन महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक और अन्य दो विधेयकों पर चर्चा के लिए इसे बढ़ा दिया गया था।


विधेयक पर मत विभाजन

महिला आरक्षण विधेयक पर हुए मत विभाजन में इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। इस मत विभाजन में 528 सदस्यों ने भाग लिया, जबकि विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों का समर्थन आवश्यक था। बिरला ने बताया कि इस सत्र में कुल 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए, जिनमें से 9 पारित हुए। पारित वित्त विधेयकों में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक और जन विश्वास संशोधन विधेयक शामिल हैं।


राज्यसभा का संबोधन

राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उच्च सदन के 270वें सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले अपने संबोधन में कहा कि बजट सत्र का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह न केवल सबसे लंबा होता है, बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा से हुई, जिसमें 79 सदस्यों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस चर्चा का उत्तर दिया। इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी चार दिन तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें 97 सदस्यों ने भाग लिया।


सरकारी मंत्रालयों पर चर्चा

सदन में सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के कार्यों पर भी चर्चा हुई। सभापति ने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर वक्तव्य दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और इससे भारत की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सदन को अवगत कराया और इस चुनौती का सामना करने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दिया। सभापति के अनुसार, बजट सत्र के दौरान सदन में कुल 157 घंटे 40 मिनट तक कार्य हुआ और इसकी कार्य उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही। इस दौरान 117 प्रश्न पूछे गए, 446 शून्यकाल उल्लेख हुए और 207 विशेष उल्लेख लिए गए।