संभल हिंसा मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप, कोर्ट ने दिए एफआईआर के आदेश
संभल में हिंसा का मामला
उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के संदर्भ में, कोर्ट ने एएसपी अनुज चौधरी और 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले में पीड़ित परिवार ने खुलकर अपनी बात रखी है। घायल आलम की बहन रजिया ने मीडिया के सामने आकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रजिया का कहना है कि आलम एक पैर से विकलांग है और घटना के दिन वह सुबह पापे बेचने निकला था। उसे इलाके में हो रही हिंसा की कोई जानकारी नहीं थी। रजिया के अनुसार, पुलिस ने आलम को घेरकर उस पर जान से मारने की नीयत से तीन गोलियां चलाईं।
रजिया ने विशेष रूप से एएसपी अनुज चौधरी का नाम लिया है, जो उस समय सीओ थे और वर्तमान में फिरोजाबाद में तैनात हैं। परिवार ने याचिका में 12 पुलिसकर्मियों के नाम दिए हैं, जिनमें अनुज चौधरी मुख्य आरोपी हैं। परिवार का दावा है कि पिछले एक साल से पुलिस की धमकियों के बावजूद वे पीछे नहीं हटे और अब कोर्ट ने उनकी बात सुनी है।
चंदौसी सीजीएम कोर्ट ने मंगलवार को एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। हालांकि, संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा है कि पुलिस विभाग इस आदेश को चुनौती देगा और ऊपरी अदालत में अपील करेगा। फिलहाल, किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित पक्ष के वकील ने भी कहा है कि यदि अनुज चौधरी और अन्य आरोपियों पर केस दर्ज नहीं हुआ, तो वे हाई कोर्ट का रुख करेंगे.