संभल में मस्जिद ध्वस्तीकरण के दौरान मिले विवादास्पद पोस्टर
संभल में मस्जिद परिसर से मिले आपत्तिजनक पोस्टर
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक मस्जिद परिसर से 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और कुछ विवादास्पद सामग्री बरामद हुई है। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। नखासा थाना क्षेत्र के कसेरुआ गांव में कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर मस्जिद मुस्तफा कादरी का निर्माण किया गया था। अवैध कब्जे को हटाने के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान ये सामग्री मिली।
जामिया कमेटी के सदस्यों पर कार्रवाई
संभल के ASP कुलदीप सिंह ने बताया कि अवैध कब्जा हटाने के दौरान 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिली है।
कसेरुआ गांव में अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। इस मामले में जामिया कमेटी के सदस्यों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है: ASP कुलदीप सिंह
मस्जिद का ध्वस्तीकरण
कसेरुआ गांव में लगभग 1200 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई के दौरान पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया था। पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई थी। तहसीलदार कोर्ट से बेदखली आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई।
कब्रिस्तान की भूमि पर मस्जिद का निर्माण
राजस्व अभिलेखों के अनुसार, गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान की भूमि है। जनवरी 2026 में इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी। मस्जिद के ध्वस्तीकरण से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता तैयारियां की थीं।
मस्जिद के शेष हिस्से का ध्वस्तीकरण
संभल के नखासा थाना क्षेत्र में रविवार को भी बुलडोजर की कार्रवाई जारी रही। सरकारी जमीन पर बने निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मस्जिद मुस्तफा कादरी के बचे हुए हिस्से को भी ध्वस्त किया गया। शनिवार को शुरू हुई कार्रवाई के बाद प्रशासनिक टीम ने फिर से मौके पर पहुंचकर शेष ढांचे को गिराने का काम पूरा किया।
सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल
नखासा थाना क्षेत्र का कसेरुआ गांव सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। गांव के अंदर और बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे, जबकि पीएसी के जवान भी सुरक्षा का ध्यान रख रहे थे। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगातार निगरानी करता रहा।
मीनार का ध्वस्तीकरण
शनिवार को मस्जिद के अगले हिस्से, बाहरी ढांचे, पिलरों और लगभग 55 फीट ऊंची मीनार को गिराया गया था। इसके बाद बची हुई संरचना को हटाने के लिए रविवार को कार्रवाई शुरू की गई। कई घंटे चले अभियान के बाद विवादित निर्माण को लगभग पूरी तरह हटा दिया गया।