संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम की तैयारी
संत गुरु रविदास की जयंती का आयोजन
वाराणसी (उप्र), 28 जुलाई: संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर, उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धन से पवित्र मिट्टी को 131 कलशों में भरकर उत्तर प्रदेश समेत 27 राज्यों में भेजा जाएगा। इस मिट्टी का पूजन गांव-गांव और बस्ती-बस्ती में किया जाएगा, जिससे संत रविदास के सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को फैलाया जा सके। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लाल सिंह आर्य ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी दी। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास की जन्मस्थली पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और देशभर से संत समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
संत रविदास की जयंती के कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा के लिए भाजपा के प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में बैठक की। इस बैठक में व्यवस्था, आगंतुकों का स्वागत, यातायात, पार्किंग और सुरक्षा की समीक्षा की गई। धर्मपाल सिंह ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता, मानवता और आध्यात्मिक चेतना का अमर संदेश देता है। उनके विचार आज भी समाज को एकता, सद्भाव और समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
लाल सिंह आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में जन्मस्थली की मिट्टी से भरे 131 कलशों का पूजन और आरती की जाएगी, और एक जनसभा का आयोजन भी होगा। इसके लिए 28 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों से 131 टोलियां सीर गोवर्धनपुर पहुंचेंगी। 30 जुलाई को सभी 131 कलशों को वाहनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों, 27 राज्यों और छह क्षेत्रों में भेजा जाएगा। इन कलशों के माध्यम से रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी देशभर के गांवों और बस्तियों तक पहुंचाई जाएगी। आर्य ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास सामाजिक समरसता अभियान चलाने जा रही है, जिसका उद्देश्य संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने यह भी बताया कि 29 जुलाई को देशभर के मंदिरों में दीपोत्सव मनाया जाएगा और कलश वंदन के माध्यम से समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।