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संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर आरक्षण को लेकर कसा तंज

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यादव पिछड़ों के अधिकारों का हनन कर मुगलों द्वारा लाए गए धर्म को आरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं। निषाद ने संविधान सभा के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा, उन्होंने सपा और इंडी गठबंधन पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि यह पिछड़ों के अधिकारों को कमजोर कर रहा है।
 

संजय निषाद का बयान


उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यादव पिछड़ों के अधिकारों का हनन कर मुगलों द्वारा लाए गए धर्म को आरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं।


लखनऊ: संजय निषाद ने कहा कि संविधान सभा ने धर्म के आधार पर आरक्षण देने से मना किया था। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने पीडीए के एजेंडे को उजागर कर दिया है।


पिछड़ों के अधिकारों का उल्लंघन
निषाद ने कहा कि संविधान सभा में आरक्षण की चर्चा के दौरान धर्म के आधार पर आरक्षण देने पर रोक लगाई गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि भीमराव अंबेडकर ने भी इस पर आपत्ति जताई थी।


सपा और इंडी गठबंधन पर आरोप
निषाद ने सपा और इंडी गठबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने ओबीसी आरक्षण में से हिस्सा काटकर मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के उदाहरण दिए, जहां मुसलमानों को ओबीसी में शामिल किया गया।


पश्चिम बंगाल का उदाहरण
पश्चिम बंगाल में 118 मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल करने का जिक्र करते हुए निषाद ने कहा कि यह एक असंवैधानिक कदम था, जिसे कोलकाता हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि यूपी में भी इंडी गठबंधन मुसलमानों की आवाज उठाता है, लेकिन पिछड़ी जातियों की नहीं।


फूलन देवी का संदर्भ
निषाद ने फूलन देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने आरक्षण और किसानों के अधिकारों की बात की, तो उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी की किसी भी जाति के साथ अन्याय नहीं होगा, यह एनडीए का संकल्प है।