संजय निषाद का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, आरक्षण पर उठाए सवाल
संजय निषाद का बयान
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यादव पिछड़ों के अधिकारों का हनन कर मुगलों द्वारा लाए गए धर्म को आरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं।
संविधान सभा का हवाला
लखनऊ: संजय निषाद ने कहा कि संविधान सभा ने धर्म के आधार पर आरक्षण देने से मना किया था। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सभ्यता पर मुगलों और अंग्रेजों के आक्रमण के कारण इस तरह का आरक्षण नहीं दिया जा सकता। भीमराव अंबेडकर ने भी इस पर आपत्ति जताई थी।
सपा और इंडी गठबंधन पर आरोप
निषाद ने सपा और इंडी गठबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने ओबीसी आरक्षण में से हिस्सा काटकर मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में कांग्रेस ने मुसलमानों को ओबीसी आरक्षण दिया है।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए निषाद ने कहा कि वहां 118 मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल कर पिछड़ों के अधिकारों का हनन किया गया। कोलकाता हाई कोर्ट ने इस कदम को असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यूपी में भी इंडी गठबंधन मुसलमानों की आवाज उठाता है, लेकिन पिछड़ी जातियों की नहीं।
फूलन देवी का संदर्भ
निषाद ने फूलन देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने आरक्षण और किसानों के अधिकारों की बात की, तो उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी की किसी भी जाति के साथ अन्याय नहीं होगा, यह एनडीए का संकल्प है।