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संजय कपूर के पारिवारिक विवाद में उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता प्रक्रिया संतोषजनक

उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर के पारिवारिक ट्रस्ट विवाद में मध्यस्थता प्रक्रिया को संतोषजनक बताया है। न्यायालय ने सभी पक्षों से सहयोग की अपील की है और मध्यस्थता के लिए और समय मांगा है। संजय कपूर का निधन 2025 में हुआ था, और उनके बच्चों ने वसीयत को चुनौती दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आगे की प्रक्रिया के बारे में।
 

उच्चतम न्यायालय का मध्यस्थता पर बयान

उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया कपूर के बीच चल रहे पारिवारिक ट्रस्ट विवाद पर बृहस्पतिवार को कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया संतोषजनक तरीके से आगे बढ़ रही है। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मध्यस्थ द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट पर चर्चा की। पीठ ने बताया कि अब तक छह सत्रों में मध्यस्थता की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है।


मध्यस्थता की प्रगति

मध्यस्थ ने परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत की है, और पीठ ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सभी पक्ष सहयोग कर रहे हैं। न्यायालय ने यह भी बताया कि मध्यस्थ ने दो नवंबर तक मध्यस्थता के लिए और समय मांगा है। पीठ ने कहा, "सभी पक्षों को खुले मन से मध्यस्थ के पास जाना चाहिए ताकि वे किसी लंबी कानूनी लड़ाई में न फंसें।"


आगे की प्रक्रिया

न्यायालय ने निर्देश दिया कि मध्यस्थ की फीस का भुगतान 'आर.के. फैमिली ट्रस्ट' से किया जाए और इस पर कोई और बहस नहीं होनी चाहिए। पीठ ने कहा, "अगर मध्यस्थता सफल नहीं होती है, तो हम कानून के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति देंगे, लेकिन ऐसा दिन न आने दें।" इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में मध्यस्थ के रूप में पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ को नियुक्त किया था।


संजय कपूर का निधन

उच्चतम न्यायालय ने 27 अप्रैल को संजय कपूर की मां द्वारा दायर उस मुकदमे पर प्रिया कपूर और अन्य से जवाब मांगा था, जिसमें पारिवारिक ट्रस्ट को 'अमान्य' घोषित करने का अनुरोध किया गया था। संजय कपूर का निधन 12 जून, 2025 को इंग्लैंड में पोलो मैच के दौरान गिरने के बाद हुआ, और बताया गया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।


वसीयत को चुनौती

अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों ने अपने दिवंगत पिता की कथित वसीयत की प्रामाणिकता को चुनौती देने वाली एक याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर की है, जिसमें उन्होंने प्रिया कपूर पर 'लालची' होने का आरोप लगाया है।