संजय कपूर के पारिवारिक विवाद का समाधान, पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे मध्यस्थता
संजय कपूर के निधन के बाद का विवाद
बिजनेसमैन संजय कपूर के निधन के लगभग एक वर्ष बाद, उनकी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और मां रानी कपूर के बीच चल रहे आरके फैमिली ट्रस्ट विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने का निर्णय लिया गया है। इस महत्वपूर्ण पारिवारिक मामले को सुलझाने के लिए पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला और उज्जल भुइयां की बेंच ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामले को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है।
सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से अनुरोध किया कि वे मध्यस्थता प्रक्रिया में खुले मन से भाग लें और इस मामले पर सार्वजनिक बयान देने या सोशल मीडिया पर चर्चा करने से बचें। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, "यह एक पारिवारिक विवाद है, इसे परिवार तक ही सीमित रहने दें। इसे मनोरंजन का विषय नहीं बनाना चाहिए।"
यह टिप्पणी तब आई जब प्रिया कपूर के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत से अनुरोध किया कि रानी कपूर इस पारिवारिक विवाद को राष्ट्रीय टीवी पर सार्वजनिक न करें।
बेंच ने स्पष्ट किया कि यह मध्यस्थता केवल परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे विवाद तक सीमित है। सभी पक्षों से अनुरोध किया गया कि वे कोई सार्वजनिक बयान न दें और न ही सोशल मीडिया पर इस मामले पर चर्चा करें। अदालत ने कहा कि यह पारिवारिक मामला है, इसलिए इसे जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास होना चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि लंबी कानूनी लड़ाई से मामला और जटिल हो सकता है। साथ ही, कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई से पहले वह पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की प्रारंभिक रिपोर्ट का इंतजार करेगी।
यह कानूनी विवाद संजय कपूर के निधन के बाद और बढ़ गया, जब उनकी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने कथित तौर पर उनकी वसीयत पेश की। इस वसीयत को बाद में रानी कपूर और संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों ने चुनौती दी।