शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया, वैश्विक चुनौतियों की आलोचना की
श्री सुत्तुर मठ में जयंती समारोह
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मैसूर के श्री सुत्तुर मठ में जगद्गुरु डॉ. श्री शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामीजी की 110वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर एकता का आह्वान किया और नागरिकों से राजनीतिक मतभेदों को भुलाने का अनुरोध किया।
चौहान ने वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कुछ देशों के नेताओं की तानाशाही प्रवृत्तियों की आलोचना की, जो विश्व के लिए संकट उत्पन्न कर रही हैं।
राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकजुटता की आवश्यकता
उन्होंने कहा, "मैं सभी से आग्रह करता हूं कि विचारधारा के मतभेदों के बावजूद, हमें राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकजुट होना चाहिए। कुछ नेता तानाशाहों की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जिससे वैश्विक संकट उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में, भारत ही शाश्वत शांति का मार्ग दिखा सकता है।"
चौहान ने यह भी कहा कि देश को मजबूत बनाना आवश्यक है ताकि वह दुनिया के लिए एक दिशा निर्धारित कर सके।
आर्थिक दबावों और स्वदेशी उत्पादों का महत्व
उन्होंने हाल के वैश्विक आर्थिक दबावों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशभक्ति की अपील को दोहराया। चौहान ने सभी भारतीयों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का संकल्प लेने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "आज के संकट में, जब टैरिफ लगाए जा रहे हैं, हमें अपने दैनिक जीवन में केवल उन उत्पादों का उपयोग करना चाहिए जो हमारे देश में निर्मित हैं। इससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुझे विश्वास है कि देशवासी इस दिशा में नया इतिहास रचेंगे।"
अमेरिका में आयात पर टैरिफ का प्रभाव
बुधवार को, भारत से अमेरिका में आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू किया गया। यह आदेश अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा द्वारा जारी मसौदा नोटिस के अनुसार 27 अगस्त से प्रभावी होगा।
इस नोटिस में कहा गया है कि यह अतिरिक्त शुल्क राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लगाया जा रहा है, जिसका शीर्षक "रूसी संघ की सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए खतरों का समाधान" है। यह कदम भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा के बाद उठाया गया है।