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शिवराज सिंह चौहान ने 'अपनापन' पुस्तक का विमोचन किया, मोदी के साथ अनुभव साझा किए

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी पुस्तक 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' का विमोचन किया। इस पुस्तक में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने अनुभवों का विस्तृत विवरण दिया है। चौहान ने चुनावी बैठक की यादों को साझा करते हुए बताया कि कैसे मोदी ने प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति रही। चौहान ने मोदी को उनके कार्यकाल पर बधाई दी और पुस्तक को अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।
 

पुस्तक विमोचन समारोह

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी नई पुस्तक 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' का विमोचन किया। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके व्यक्तिगत अनुभवों और लगभग तीन दशकों के पेशेवर सफर का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। इस कार्यक्रम के दौरान, चौहान ने एक चुनावी बैठक की याद ताजा की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास में प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया था।


चुनाव की बैठक की यादें

चौहान ने उपस्थित लोगों से कहा कि चुनाव की तैयारियों के लिए आयोजित एक बैठक में, नरेंद्र भाई ने पूछा, ‘किसके पास ईमेल आईडी है?’ इस सवाल पर लोग एक-दूसरे के चेहरे देखने लगे और कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। फिर स्वर्गीय बाबूलालजी गौर ने मजाक में कहा, ‘नरेंद्र भाई, इस महिला ईमेल का क्या होगा?’ यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह समझ था कि भारत के भविष्य को संवारने के लिए प्रौद्योगिकी कितनी आवश्यक है।


विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस विमोचन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई केंद्रीय मंत्री और विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। चौहान ने एक पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ लंबे समय तक काम करने के बाद, उन्होंने उन्हें 'एक समर्पित कार्यकर्ता, कुशल प्रशासक, दूरदर्शी नेता और असाधारण संगठन निर्माता' के रूप में पहचाना है।


पुस्तक का उद्देश्य

चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक अगली पीढ़ी को नरेंद्र मोदी के 'व्यक्तित्व, उनके विशाल हृदय, राष्ट्रीय सेवा के प्रति उनके समर्पण और कार्यकर्ताओं के प्रति उनके गहरे स्नेह' की झलक प्रदान करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उनके 12 वर्षों के कार्यकाल पर बधाई दी और इसे भारत के पुनर्निर्माण का स्वर्ण युग बताया।


अनमोल अनुभवों का संग्रह

चौहान ने कहा कि वर्षों की स्मृतियों में अपनापन था, संघर्षों की यात्राओं में अपनापन था, कार्यकर्ताओं के प्रति उनके व्यवहार में अपनापन था। उन्होंने अपनी पुस्तक में इन अनमोल अनुभवों, स्मृतियों, सीखों और भावनात्मक पलों को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है।